मऊ। मानसून के मद्देनजर शासन से जारी गाइड लाइन के अनुरुप नगर पालिका ने अप्रैल माह में ही नगर क्षेत्र में मौजूद जर्जर भवनों का चिह्नीकरण तो कर लिया। लेकिन भवन स्वामियों के विरूद्घ न तो नोटिस जारी किया गया और न ही कार्रवाई की। उधर, ईओ की मानें तो उन्हें इस सर्वे के बारे में जानकारी नहीं थी। अब चूंकि मामला संज्ञान में आ गया है तो नोटिस जारी किया जाएगा।
तत्कालीन अधिशासी अधिकारी आशीष ओझा ने शासन के आदेश पर अप्रैल 2018 माह में ही जर्जर भवनों का चिह्नीकरण कराया था। इस दौरान नगर पालिका मऊ में कुल 61 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। इसमें भीटी मुहल्ले में सात, डोमनपुरा में चार, सहादतपुरा में सात, कतुआपुरा मुहल्ले में एक, मुंशीपुरा में छह, रहजनियां में पांच तथा न्याज मुहम्मदपुरा में छह शामिल थे। जर्जर भवनों के बाबत भवन स्वामी को एलर्ट करने तथा उसे ढहाने के लिए नगर पालिका की तरफ से भवन स्वामियों को नाटिस जारी किया जाना था। लेकिन मानसून आने के बाद भी नगर पालिका नहीं जागी। इसका परिणाम है कि नगर क्षेत्र में किसी भी दिन बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में पूछे जाने पर ईओ नगर पालिका संजय मिश्र ने बताया कि शासन के आदेश पर हुए सर्वे के बारे में उन्हे जानकारी नहीं थी, बोले कल से ही इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
अधिकांश नगर पंचायतों में नहीं हुआ सर्वे
मऊ। मानसून आने के बाद जर्जर भवन भवन कही प्राण हंता न बन जाए इसके लिए शासन से आदेश जारी होने के बाद भी जिले के अधिकांश नगर पंचायतों पर इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जहां सर्वे हुआ भी है तो वहां भवन स्वामियों को नोटिस आदि नहीं जारी की गई।
घोसी संवददाता के अनुसार नगर पंचायत में सर्वे के दौरान कुल 40 जर्जर भवनों को चिन्ह्ति किया गया। लेकिन आज तक भवन स्वामियों को किसी प्रकार की कोई नोटिस जारी नहीं की जा सकी है। इसीक्रम में चिरैयाकोट में सर्वे किया ही नहीं गया, तो कोपागंज में छह भवन जर्जर चिन्ह्ति किए गए। लेकिन कोई कवायद नहीं की गई। मुहम्मदाबाद गोहना में 11 और उससे लगे वलीदपुर में आठ भवन जर्जर चिन्ह्ति किए गए। अदरी, अमिला, मधुबन और दोहरीघाट नगर पंचायत क्षेत्र में शासनदेश का माखौल उड़ाया गया। यहां कोई सर्वे नहीं किया जा सका। मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत में भी भवन स्वामियों को नोटिस जारी करनी थी।