मौसम में बदलाव से लोग सेहत को लेकर परेशान हो गए हैं। ऐसे में उल्टी, दस्त, सर्दी, जुकाम, पेट दर्द व बदन दर्द, एलर्जी आदि बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे में सरकारी तथा निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
होली के बाद से जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या 1000 से 1200 पहुंच गई है। नौ सीएचसी तथा 38 पीएचसी पर भी मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। होली के बाद एकबारगी बढ़े संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है। अस्पतालों में उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मौसम में आए परिवर्तन के कारण तथा गर्मी में असावधानी के कारण संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। इनसे बचने के लिए लोगों को शुद्ध भोज्य पदार्थ व पेयजल का सेवन करना चाहिए। बाजारों में चाट-पकौड़े व सड़े-गले फलों के सेवन से बचें और अधिक जल का सेवन करें।
उधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में प्रत्येक वर्ष एक निर्धारित धनराशि गांव में फॉगिंग कराने के लिए दिए जाते हैं। ताकि मच्छरों के प्रकोप को भी कम किया जा सके, लेकिन इस धनराशि की बंदरबाट हो जाती है। यही कारण है कि इस बार भी मच्छरों के प्रकोप से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।