नगर के राम जानकी मंदिर मड़ैयाघाट भीटी स्थित रामलीला मंच पर एक सप्ताह से चल रहे धनुष यज्ञ रामलीला के पांचवें दिन धनुष यज्ञ सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। इस दौरान धनुष टूटते ही जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
रामलीला मंचन में राजा जनक की तरफ से आयोजित स्वयंवर में देश देशांतर के राजा आते हैं। यहां तक कि लंकाधिपति रावण, पाताल लोक से बाणासुर तथा तमाम देवता मनुष्य रूप धारण कर इस स्वयंवर में उपस्थित होते है, परंतु कोई भी शिव धनुष को हिला भी नहीं पाता है। तब गुरु विश्वामित्र के आज्ञा से श्री रामचंद्र जी के द्वारा शिव धनुष को भंग किया जाता है। शिव धनुष के टूटते ही पण्डाल में उपस्थित नर नारियों के द्वारा करतल ध्वनि के साथ जय श्री राम के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। इसके बाद विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवध बिहारी सिंह, विजय बहादुर सिंह,रामाश्रय सिंह आदि शामिल रहे।