मऊ। पॉलीथिन पर प्रतिबंध का आदेश जारी होने के बाद भी शहर में लोगों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। शहर में प्रतिबंधित पॉलिथीन (कैरी बैग) की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। कार्रवाई न होने से व्यापारी बेखौफ होकर प्रतिबंधित पॉलीथिन के कैरीबैगों का इस्तेमाल कर रहे है। जबकि पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के जिला स्तर पर टीम गठित की गई। गठित टीम ने एसडीएम और अन्य विभागों के अधिकारी भी सम्मिलित हैं। लेकिन पॉलीथिन पर रोक लगाने को लेकर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शासन के निर्देेश के बाद प्रदेश में 15 जुलाई से 50 माइक्रान से कम की पॉलिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब पॉलिथिन का प्रयोग करते पाए जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। जिले में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए सदर एसडीएम अनूप वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई है, जिसमें नगर पालिका ईओ, वन विभाग से डीएफओ, प्रदूषण विभाग के अधिकारी, पुलिस विभाग सेे सीओ, फूड विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया है। लेकिन नियम जारी होने के चार दिन बीतने के बाद टीम द्वारा नगर में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उधर आदेश की जानकारी होने के बाद भी न तो बाजारों पालीथिन बिकना बंद हुआ है न ही लोग घर से झोला लेकर नहीं निकल रहे हैं। स्थिति यह हैं घास बाजार, मिजाहादीपुरा, आजमगढ़ मोड़ सहित अन्य बाजारों में दुकानदारों द्वारा पॉलीथिन में सामान दिया जा रहा है। इस संबंध में एसडीएम अनूप वर्मा का कहना है कि पॉलीथिन के भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर प्रशासन और नगर पालिका के अफसरों ने छापामारी कर अलग-अलग स्थानों से करीब 11 किलो पॉलीथिन जब्त की। साथ ही दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि 50 माइक्रान से कम की पॉलीथिन की खरीद-बिक्री न करें, अन्यथा जब्तीकरण के साथ जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।
मऊ। पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए जिला स्तर पर टीम तो गठित कर ली गई। लेकिन 15 जुलाई से बुधवार तक टीम के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर छापेमारी नहीं की गई हैं। यहीं हालात घोसी, मुहम्मदाबाद और मधुबन तहसील में है। जहां एडडीएम के नेतृत्व में टीम तो गठित हुई हैं, लेकिन कार्रवाई नील है। नगर निकायों द्वारा प्रचार- प्रसार तक नहीं कराया जा रहा है।