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तीन महीनों में महिला हेल्प डेस्क पर आईं 1081 शिकायतें

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मऊ। सरकार ने महिलाओं की शिकायतों को प्रमुखता से लेकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए सभी थानों पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना करने का निर्देश दिया है। जिले के सभी 12 थानों पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। इस डेस्क पर आने वाली महिला शिकायतकर्ताओं को आदर से कुर्सी पर बिठाकर उनकी समस्या सुनने के बाद उनका त्वरित निपटारा किया जा रहा है।
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जिले में पिछले तीन महीनों में जिले के सभी 12 थानों में कुल 1081 महिलाओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 11 शिकायतों पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए जबकि 1037 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया। केवल 44 शिकायतों का निपटारा लंबित है। पुलिस उन शिकायतों का निपटारा करने की प्रक्रिया में लगी है।
जिले में सबसे अधिक 185 शिकायतें सरायलखंसी थाने में महिला हेल्प डेस्क पर आईं। इनमें 179 निपटा दी गईं। 15 शेष रह गईं हैं। जबकि सबसे कम शहर कोतवाली में तीन माह में महत 22 शिकायतें आईं। यानी शहर कोतवाली में प्रत्येक तीन दिन के बाद औसतन एक शिकायत महिला हेल्प डेस्क पर आई। इनमें से तीन नहीं निपटाई जा सकीं। इसके बाद घोसी कोतवाली में 178 शिकायतें महिला हेल्प डेस्क पर आईं। ये सभी निपटा दी गईं हैं।
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मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में 153 शिकायतें आईं। इनमें से पांच न्यायालयों में चल रहे मुकदमों से संबंधित रहीं।दोहरीघाट थाने में 97 में 94 शिकायतें निपटा दी गईं।मधुबन में 75 में 70, रामपुर में 73 में 66,रानीपुर थाने में 39 में 30 शिकायतें निपटा दी गईं। जबकि छह पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चिरैयाकोट थाने में आई सभी 85 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया। दक्षिण टोला थाने में 75 में 70 शिकायतों को निपटा दिया गया जबकि हलधरपुर थाने में 66 शिकायतों में सभी निपटा दी गईं।इस प्रकार जिले के थानों पर महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों को पुलिस प्रमुखता से लेती है।
केस स्टडी- 1
दोहरीघाट थाने के अहिरानी गांव निवासी अनुराधा राजभर की शिकायत है कि उसके पति पिंटू राजभर की हत्या घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला में उनके आफिस में घुसकर बदमाशों ने गोली मार दिया था। तीन महीने बाद भी एक हत्यारा बाहर घूम रहा है। उसने महिला हेल्प डेसक से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक न्याय की गुहार लगाई। परिवार को कोई आर्थिक सहायता दी गई और न सभी हत्यारे पकड़े ही गए। अब उसने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गुहार लगाई है।
केस -2
घोसी कोतवाली के ही बिजपुरा गांव निवासी योगेंद्र चौहान ठेकेदार के बुलाने पर आसवानी मिल में मजदूरी करने आते थे। उनकी लाश मिल परिसर में पाई गई। ठेकेदार और उसके आदमियों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में उसकी पहचान रिश्तेदारों ने जिला अस्पताल के लाश घर में जाकर किया। योगेंद्र की पत्नी शांति अब अधिकारियों से गुहार लगा रही है।
इस मामले में एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली महिला शिकायत कर्ताओं को आदर से बिठाकर उनकी शिकायतों का निपटारा कराया जाता है। सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क पूरी कार्य कुशलता से काम कर रहे हैं।
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