वलीदपुर। हजरत सूफी मोहम्मद जान सिद्दीकी किरमानी साहब के 87वें उर्स पर अस्ताना जाइरीन से गुलजार रहा। जाइरीन ने मजार पर पहुंच कर हाजिरी लगाई और मन्नतें मांगी। शुक्रवार को चादरपोशी तथा शनिवार को गागर-चादर के जुलूस के साथ ही खीरकापोशी की रस्म अदा की जाएगी। वहीं रात में महफिले समा के तहत जाइरीन कव्वाली का लुत्फ उठाएंगे। कमेटी की तरफ से लोगों को टेंट तथा अन्य स्थानों पर ठहराया गया।
उर्स मेले में पश्चिम बंगाल, आसाम, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, कोलकाता, जम्मू कश्मीर सहित विभिन्न प्रांतों से जायरीन आए हैं। उनके खाने-पीने की व्यवस्था कमेटी के द्वारा की गई है। गुुरुवार को हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक इस मजार पर दोनों समुदाय के लोग बड़ी श्रद्धा के साथ पहुंचे और हाजिरी लगाकर मन्नतें मांगी। इस दौरान आस्ताने को रंगीन झालरों से आकर्षक तरीके से सजाया गया था। आस्ताने पर खासी गहमागहमी का माहौल रहा। इस दौरान परिसर के आसपास अस्थायी दुकानें भी लगी थीं। बच्चों ने वहां लगे चर्खी झूले का आनंद भी उठाया।
सज्जादानशीन शाह मोहम्मद इजहार अहमद मोइनी मोइनिया ने बताया कि शुक्रवार को चादरपोशी तथा शनिवार को गागर की रस्म खीरकापोसी और महफिले समा आयोजित होगा।