मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने हत्या के मामले में नामजद दो आरोपियों में एक को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही बीस हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एक आरोपी के किशोर होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई। मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार सरसेना गांव निवासी नान्हू पासवान पुत्र धनेसर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि छह जुलाई 2008 की रात्रि में प्रेम प्रपंच को लेकर उसके लड़के विपिन पासवान की हत्या कर दी गई तथा उसके शव को घूरा पर फेक दिया गया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही नंदलाल पासवान पुत्र बसंत और राजू पासवान पुत्र नंदलाल के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने सात गवाह पेश किए।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी नंदलाल पासवान को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही बीस हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। वही साक्ष्य मिटाने में दो वर्ष की सजा का निर्णय सुनाया। आरोपी राजू पासवान के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।