केंद्र सरकार द्वारा एससीएसटी बिल और पिछड़ो के आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया के जरिये जलाए गए आरक्षण के अलख का असर जिले में नहीं दिखा। हालांकि पुलिस प्रशासन एलर्ट रहा। इस दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए थे। इस दौरान पुलिस एक्टिव मोड में दिखी। साथ ही पुलिस के साथ पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी। हांलाकि देर शाम तक भारत बंद में किसी तरह की कोई घटना घटित नहीं हुई।
आरक्षण के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा 9 अगस्त को बुलाए गए भारत बंद का आज कोई खास असर देखने को नहीं मिला। सामान्य दिनों की भांति गुरुवार को सुबह का दिन जैसे-जैसे चढ़ता गया बाजारों में दुकानें खुलना शुरू हो गईं। हांलाकि बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में रोडवेज, रेलवे स्टेशन, गाजीपुर तिराहा, भीटी चौक, आजमगढ़ तिराहा, मिर्जाहादीपुरा चौराहा सहित अन्य जगहों पर पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात थे। पुलिस ने लोगों से शांति बहाल रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की भी बात कही।
चिरैयाकोट : भारत बंद के आहाव्न पर किसी तरह कहीं भी किसी प्रकार की कोई अशांति पैदा न हो सके को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस सर्तक रही। इसके तहत पुलिस गुुरुवार को चिरैयाकोट बाजार, सरसेना, खाकी बाबा की कुटी, काझा में मुहम्मदाबाद सीओ आलोक कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला।
कोट
कायस्थ महासभा ने सौंपा ज्ञापन
मऊ। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव के नेतृत्व में गुरुवार को प्रधानमंत्री के नाम का तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में महासभा ने दलित उत्पीड़न एक्ट में हुए संसोधन को निरस्त करने तथा प्रतिभाओं को कुचनने से रोकने हेतु आरक्षण को समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर मनदीप अस्थाना,राकेश कुमार श्रीवास्त, शोभा श्रीवास्त, हरेंद्रलाल श्रीवास्तव, जयप्रकाश श्रीवास्तव, शिवप्रसाद, मनोज कुमार श्रीवास्त सहित अन्य मौजूद रहे।