उप्र किसान सभा तथा भाकपा माले के तत्वावधान में देशव्यापी जेलभरो आंदोलन के तहत कार्यकर्ताओं ने खेती पर बढ़ते संकट के विरोध में गुरुवार को जुलूस निकाला। जुलूस नगर का भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही 500 लोगों ने प्रतीकात्मक गिरफ्तारी दी। वहीं, प्रधानमंत्री को संबोधित 10 हजार हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भारत का कृषि जगत जनता के 70 प्रतिशत आबादी को रोजी रोटी मकान मुहैया करवाता है। किसान जनता की श्रम शक्ति का 60 प्रतिशत उपलब्ध कराता है। लेकिन सरकार की नीतियों के कारण लाखों किसान परिवारों को भारी कर्ज के बोझ से तंग आकर अपनी जमीन और जानवरों को बेचने तथा आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। भाजपा के चार वर्षों के कार्यकाल में किसानों से किए गए लंबे चौड़े वायदों से भी धोखाधड़ी की है। महंगाई को रोकने में सरकार पूरी तरह से असफल है।
किसान मजदूरों ने जुलूस निकालने के साथ ही 500 लोगों ने प्रतीकात्मक गिरफ्तारी दी। सभी को कुछ समय के बाद रिहा भी कर दिया गया। अंत में देवरिया कांड के मामले में मुख्यमंत्री को संबोधित घटना की जांच हाईकोर्ट की देखरेख में कराया जाए। साथ ही उप्र की समाज कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी से तत्काल इस्तीफा लिया जाए सहित चार सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर रामबली, राजकुमार, सुरेंद्र, फतेहबहादुर, शिवमूरत, कल्पनाथ आदि शामिल रहे।