बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर प्रतिदिन जाम लगने से नगरवासियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। बार-बार जाम में फंसने से उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा। वहीं एक ही काम के लिए कई बार आना पड़ता है। इससे समय तथा धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में ओवरब्रिज बनना जनहित में बेहद जरूरी है।
बाल निकेतन क्रासिंग के दोनों तरफ सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी प्रतिष्ठान हैं। दोनों तरफ से लोगों का देर शाम तक आना जाना लगा रहता है। रेलवे में ट्रेनों का ट्रैफिक तेजी से बढ़ने के चलते बार-बार जाम लग जा रहा है। ऐसे में जाम में फंसने के चलते लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है। लोग समय से नहीं पहुंच पाते हैं। सिविल सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बहादुर पाल का कहना है कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न बनने से विकास गति ठहर सी गई है। लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। सिविल सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री सत्येंद्र राय का कहना है कि क्रासिंग पर बार-बार जाम लगने के चलते पूरा समय खराब हो जाता है। हर हाल में ओवरब्रिज बनवाकर जाम की समस्या से निजात दिलाई जाए। अधिवक्ता अरविंद तिवारी का कहना है कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर प्राथमिकता के आधार पर ओवरब्रिज बनवाने की प्रक्रिया शुरु की जाए। सिविल सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री संजय त्रिपाठी का कहना है कि बार-बार जाम लगने के चलते लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। समस्या का अविलंब समाधान होना चाहिए।