विश्व मजदूर दिवस पर श्रमिकों को दिवस की जानकारी तक नहीं है। श्रमिकों को सरकार की तरफ से चलाई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी न तो विभागीय अधिकारी दे रहे हैं न ही श्रमिक संगठनों से जुड़े जनप्रतिनिधि। विभाग की तरफ से व्यापक पैमाने पर जागरुकता कार्यक्रम न चलाए जाने से पंजीकरण कराने में मजदूर रुचि नहीं ले रहे हैं। हालत यह है कि सिर्फ 25 हजार ही श्रमिकों का पंजीकरण हो पाया है। जबकि चार हजार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिया गया है।
सरकार की तरफ से श्रमिकों के कल्याण के लिए शिशु हित लाभ योजना, मातृत्व हित लाभ योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, कन्या विवाह योजना सहित 15 जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों को विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। लेकिन हालत यह है कि मजदूरों को इसकी जानकारी ही नहीं है। इस संबंध में शहर मेें एक दुकान पर काम कर रहे रामअवध प्रजापति, सुंदर विश्वकर्मा, सुजीत प्रसाद का कहना है कि पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में विभागीय कर्मचारियों द्वारा सहयोग नहीं किया जाता है। पूरा दिन खराब हो जाता है। प्रक्रिया को सरल किया जाए। इसी क्रम में सविता, कल्याणी देवी, सावित्री देवी का कहना था कि मई दिवस का क्या मतलब है। उसे नहीं पता कि श्रम विभाग का दफ्तर कहां है। पिपरीडीह : विश्व मजदूर दिवस पर श्रमिक अपने काम में लगे रहे। विभागीय अधिकारी और न ही श्रमिक संगठनों से जुड़े नेता इनके हक व अधिकारों को बताने गए।
इस बाबत श्रम प्रवर्तन अधिकारी मान सिंह का कहना है कि श्रमिकों के पंजीकरण कराने के लिए प्रचार प्रसार कराया जाता है। 25 हजार श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है। चार हजार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है।