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घाघरा में बाढ़ लेकिन नहरें हैं खाली

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मऊ। घाघरा नदी में इन दिनों बाढ़ आई हुई है। लेकिन घाघरा नदी से निकलने वाली दोहरीघाट पंप कैनाल खाली है। नहरों के किनारे बसे गांवों के हजारों किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसान विभागीय दुर्व्यवस्था को कोस रहे हैं। पंप केनाल पर लगे 12 में से तीन पंप खराब पड़े हुए हैं।
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मार्च-अप्रैल में जब घाघरा की मुख्य धारा केनाल हेड से दूर चली जाती है तब तो इस नहर में पानी की कमी समझ में आती है लेकिन इन दिनों जब घाघरा में बाढ़ के हालात हैं और केनाल के हेड तक पानी लबालब है तो नहर खाली होना विभागीय अक्षमता की ही पुष्टि करता है।
जिले की घोसी , सदर और मधुबन तहसीलों के सैकड़ों गांवों के किसान दोहरीघाट पंप कैनाल के पानी पर ही आश्रित हैं। इधर जिले में काफी वर्षा हुई है। इससे किसानों के खेतों में पानी नहीं उपलब्ध है। किसान नहर में पानी का इंतजार कर रहे हैं। दोहरीघाट पंप केनाल हेड पर लगे 12 पंपों से इस समय तीन खराब पड़े हुए हैं। बिजली की गडबड़ी से अन्य पंप भी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। जब मुख्य नहर में ही पानी की कमी है, तो छोटी नहरों की तो बात ही बेमानी है।
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इनसेट
शारदा सहायक में समय पर नहीं आता पानी
जिले में एक और नहर है इसका नाम शारदा सहायक नहर है। यह मादी सिपाह के पास से जिले में प्रवेश करती है और कुसुम्हां से भरौली लैरो इंदारा होते हुए रतनपुरा ब्लाक के कुछ गांवों से होती हुई समाप्त भी हो जाती है। नहर का अंतिम छोर यह जिला होने के चलते भी इस नहर में पूरे प्रवाह से कभी पानी आता ही नहीं। जब किसानों को पानी की जरूरत नहीं होती, तभी इस नहर में पानी आता है, जरूरत के समय कभी इसमें पानी नहीं आता।
इनसेट
गोरखपुर में है शारदा सहायक का आफिस
शारदा सहायक नहर का आफिस मऊ जनपद में नहीं है। इसीलिए किसान इस नहर से संबंधित अपनी समस्याएं नहीं रख पाते। किसानों ने इस नहर का आफिस मऊ जनपद में खोलने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन किया लेकिन किसानों की यह मांग नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई।
इनसेट
की जाती है फर्जी रिपोर्टिंग
किसान नेता देवप्रकाश राय का कहना है कि देेहरीघाट पंप कैनाल के संचालन के बाबत कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा फर्जी रिपोर्टिंग की जाती है और यही फर्जीं आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। उन्होंने दावा किया है कि यदि जिलाधिकारी इसकी औचक निरीक्षण कराकर किसी मजिस्ट्रेट से जांच कराएंगे तो वास्तविकता सामने आ जाएगी।
कोट
दोहरीघाट पंप केनाल को पूरी क्षमता से चलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केनाल हेड पर बिजली संबंधी कुछ तकनीकी गड़बड़ियां आ गई हैं , उन्हें बिजली विभाग के अधिकारियों की मदद से शीघ्र दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वीरेंद्र पावान , अधिशासी अभियंता सिंचाई, मऊ।
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