जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा के दावे की कलई गुरुवार को खुल गई। पार्टी प्रत्याशी को कुल 38 मत के मुकाबले मात्र तीन मत मिले। ऐसे में उनकी जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है।
मथुरा में सपा का दामन खाली है। ऐसे में वृंदावन आगमन के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने न केवल रुचि जाहिर की वरन जिला संगठन से जमीनी हकीकत भी जानी। इस दौरान उन्होंने पार्टी प्रत्याशी सुनीता नौहवार के पति जगदीश नौहवार से भी वार्ता की। संगठन ने आंकड़े गिनाए तो पार्टी हाईकमान भी गंभीर हो गई। नतीजा यह रहा कि पार्टी जिला पंचायत में 20 के जादुई आंकड़े का ख्वाब देखने लगी।
गुरुवार को मतदान के दिन भी पार्टी अति आत्मविश्वास से लबरेज नजर आई। शाम को परिणाम घोषित हुआ तो क्रॉस वोटिंग बचाने की उपलब्धि ही पार्टी के खाते में दर्ज हो सकी। ऐसे में प्रत्याशी सुनीता नौहवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सकीं। चुनाव के दौरान सपा के जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश नौहवार, जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, महासचिव तनवीर अहमद, नीटू चौधरी, डा. राजन रिजवी, मुहम्मद फारुक आदि मौजूद रहे।
हर दबाव फेल
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले बसपा नेता और पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा के खिलाफ एफआईआर सहित अन्य सदस्यों के खिलाफ दबाव के खेल में सपा ने जरूर बढ़त बना ली। कई जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव के लिए तरह तरह से जतन किए गए लेकिन नतीजा सिफर रहा। ये ही वजह रही कि भाजपा, बसपा, लोकदल और यहां तक कि बार एसोसिएशन ने भी जिलाधिकारी से निष्पक्ष चुनाव की मांग की। चुनाव परिणाम आया तो जीत का दावा करने वाले सपाई बगले झांकते रहे।