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उमेश को सवार है भटके युवाओं को देश सेवा में भेजने का जुनून

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युवा दिवस पर विशेष :
नई उड़ान के लिए युवाओं की प्रतिभा को तराश रहे उमेश
पूर्व हवलदार दे रहे युवाओं को निशुल्क ट्रेनिंग, सेना में भर्ती के लिए कर रहे तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा/मांट। निर्धन और बेरोजगार युवाओं के लिए रिटायर हवलदार उमेश कनोरिया अच्छा मार्ग दर्शक बनकर उन्हें नई उड़ान के लिए तैयार कर रहे हैं। वह उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित कर उसी तरह की ट्रेनिंग दे रहे हैं। एक कॉलेज का ग्राउंड ही उनका ट्रेनिंग स्थल है। इसमें अब 15 गांवों के 125 युवक रोजाना निशुल्क ट्रेनिंग ले रहे हैं। वहीं, अनुशासन के साथ योगा भी सीख रहे हैं। भ मांट राजा निवासी उमेश कनोरिया सेना की सिग्नल कोर से हवलदार के पदस से रिटायर हो चुके हैं। एक साल पहले रिटायर होकर आने के बाद उन्होंने देखा कि आसपास के गांवों में हजारों युवा बेरोजगार हैं। वे नशा, जुआ खेलने और अपराधों में शामिल हो रहे हैं। इसके बाद उन्होेंने युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया। इस दौरान उमेश ने उन्हें सेना भर्ती में होने वाली शारीरिक दक्षता के लिए तैयारी शुरू कराई।
सेना नियमावली के अनुसार बनाई 1600 मीटर की दौड़ ट्रैक
उमेश ने युवाओं को तैयार करने के लिए मांट के ब्रज आदर्श इंटर कॉलेज के खेल मैदान को ट्रेनिंग स्थल के चुना। यहां सेना नियमावली के अनुसार 1600 मीटर की दौड़ ट्रैक बनवाई। वहीं दौड़ को 5.40 मिनट से पहले पूरा कराने का अभ्यास भी शुरू करा दिया है। उमेश ने युवाओं के परिजनों से संपर्क किया और उनके बच्चों को ट्रेनिंग स्थल पर आने को कहा। इसी तरह कड़ी जुड़ती गई और अब सुबह व शाम दो पालियों में 125 से अधिक युवाओं को निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं।
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पांच युवक सेना भर्ती में फिजिकल टेस्ट कर चुके हैं पास
मांट निवासी पूर्व सैनिक उमेश कनोरिया 31 जनवरी 2019 को सेना से रिटायर होकर गांव आए थे। उन्होंने 13 फरवरी से 25 युवकों को पहले मांट स्थित मिनी स्टेडियम में ट्रेनिंग देना शुरू किया। फील्ड छोटा होने के कारण उसे छोड़कर ब्रज आदर्श इंटर कॉलेज के मैदान में ट्रेनिंग शुरू की। अब तक उनके यहां से ट्रेनिंग ले चुके पांच युवक सेना भर्ती में फिजिकल टेस्ट पास कर लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वहीं तीन युवक लिखित परीक्षा दे चुके हैं, परिणाम आने बाकी हैं।
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कोट
गरीब किसान के बच्चों के दिमाग में भ्रम भरा हुआ है कि सेना में बिना पैसे के भर्ती नहीं होंगे। इसके चलते वे प्रयास भी नहीं करते थे। वह धीरे-धीरे गलत मार्ग को चुन लेते हैं। शारीरिक मानसिक तैयारी कराने के बाद परीक्षाओं में आने वाले प्रश्नों के हल करने के तरीके भी बताते हैं। अब रोजाना सुबह पांच से आठ और शाम चार से छह बजे तक मांट के ब्रज आदर्श इंटर कॉलेज के मैदान में युवाओं की चहलकदमी बनी रहती है।
उमेश कनोरिया, हवलदार पद से रिटायर
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