भारतीय क्रिकेट स्टार यूसुफ पठान शुक्रवार शाम को फरह के चुरमुरा में हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र पहुंचे। यहां परिवार के साथ पठान ने हाथी संरक्षण की जानकारी की। इस दौरान पठान ने कहा कि जल्द जागरूकता न आई तो लुप्त प्राय जानवर सिर्फ किताबों में नजर आएंगे ।
युसुफ पठान ने हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र पर चींच, बिजली और लक्ष्मी हाथियों के इतिहास के बारे में पूछा। पशुकर्मियों और पशु चिकित्सकों से जानवरों की देखभाल के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में भी जाना।
हाथी के देखभाल केंद्र में अपने अनुभव को बताते हुए यूसुफ ने कहा कि भारत में हाथी जैसे प्रजातियों को विशेष रूप से संरक्षण की आवश्यकता है क्योंकि भारत लुप्तप्राय एशियाई हाथियों का अंतिम गढ़ है।
इस दौरान मौजूद वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि युसुफ पठान ने वाइल्डलाइफ एसओएस को करीब आठ साल पहले देखा था। आज वह वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करने के लिए वापस आए हैं।