मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र के हसनपुर निवासी बाॅबी(20) की उपचार के दौरान लखनऊ के एक अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने एक अपंजीकृत चिकित्सक पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया है। तहरीर लेकर इलाका पुलिस जांच में जुट गई। वहीं मौत की सूचना मिलते ही अपंजीकृत चिकित्सक क्लीनिक बंद कर भाग निकला।
पिता गोपाल प्रसाद ने बताया कि बाॅबी का पिछले दो वर्ष से मोटापे के चलते कई बड़े अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा था। डाॅक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बाॅबी को बदनीयती से किसी ड्रग के इंजेक्शन दिए गए हैं। बेटे को क्षेत्र के अपंजीकृत चिकित्सक के द्वारा दिए जाने वाले इंजेक्शन से ही बेटे को राहत मिलती थी। पता चलने पर अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराने पर उन्होंने मना कर दिया।
इसके बाद भी झोलाछाप उपचार देता रहा। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने लखनऊ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया। यहां मंगलवार दोपहर को युवक की मौत हो गई। देर रात युवक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपंजीकृत चिकित्सक थाना राया क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि युवक के पिता की तहरीर मिली है। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। जांच की जा रही है।
तीनों बहनों व मां का रो-रोकर बुरा हाल
बाॅबी की तीनों बहनों राधा,चंचल व गुड़िया की शादी हो चुकी है। वे तीनों भाई को याद कर बेहोश हो जा रहीं हैं। वहीं मां संतोष देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह भी पुत्र को आवाज लगा बार-बार बेहोश हो रहीं हैं।
हड्डी व बाल रोग विशेषज्ञ बन कर रहे उपचार
नौहझील सीएचसी के अंतर्गत बड़ी संख्या में अपंजीकृत चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। उनके उल्टे सीधे उपचार के चलते मरीज को जान गंवानी पड़ती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में कोई भी कार्रवाई अपंजीकृत चिकित्सकों पर नहीं की जा रही है। अपंजीकृत चिकित्सक हड्डी व बाल रोग विशेषज्ञ या अन्य विशेषज्ञ के बोर्ड लगाकर क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। सीएचसी प्रभारी हेमराज सिंह ने बताया कि अपंजीकृत चिकित्सकों को चिह्नित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।