राधाकुंड (मथुरा)। देश के कोने-कोने से आए भक्तों के साथ उनके बच्चे भी भीषण गर्मी, धूप अथवा बरसात में नंगे पांव गिरिराज जी की परिक्रमा कर अपने आराध्य को प्रसन्न करने में जुटे हुए हैं।
मेला गुरु पूर्णिमा के दौरान युवा, महिलाएं तथा वृद्धजन गिरिराज महाराज की सात कोस की परिक्रमा कर रहे हैं। वहीं परिक्रमा करने वालों में नन्हें भक्त भी पीछे नहीं है। गर्मी तथा बरसात भी इन नन्हें भक्तों के कदमों को नहीं रोक पाई। लोहवन से अपनी नानी के साथ आई 10 वर्षीय आराध्या सप्तकोशीय परिक्रमा लगा रही है। दूसरी बार आई आराध्या का कहना है कि यहां होने वाले आयोजन उन्हें बहुत अच्छे लगते हैं।
विज्ञापन
अपनी दादी के साथ गिरिराज परिक्रमा करने आई 6 वर्षीय दिव्या ने बताया कि वह 4 वर्ष की उम्र से यहां आने की इच्छा अपने दादा दादी से व्यक्त कर रही थीं। अपनी दादी के साथ गिरिराज परिक्रमा लगाते हुए रंग-बिरंगे खिलौने खरीद कर मन को बड़ी प्रसन्नता मिली। लोहड़ी मध्य प्रदेश से अपने माता-पिता के साथ आए 10 वर्षीय नितेश ने बताया कि गिरिराज परिक्रमा करने से किसी भी प्रकार की थकान नहीं होती है। बल्कि आनंद की अनुभूति होती है।
जालौन से अपने चाचा-चाची के साथ आए 7 वर्षीय प्रखर गुप्ता खेल-खेल में गोवर्धन की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा लगा रहे हैं। नगला देवीय मथुरा से आईं मोनिका उम्र 10 वर्ष अपने माता-पिता के साथ सात कोस की परिक्रमा कर रही हैं। ग्राम जानू तहसील गोवर्धन से आईं बबीता कंधे पर अपने 2 वर्ष के बालक को बिठाकर गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर रही हैं। संवाद