यमुना नदी को निर्मल करने, प्रवाह को अविरल बनाने और प्रदूषण मुक्त करने के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर यमुना भक्तों के साथ ब्रज के संत रमेश बाबा 15 अप्रैल से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठेंगे।
रविवार को माताजी गौशाला बरसाना में यमुना मुक्तिकरण के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आश्वस्त किए जाने के बाद भी यमुना मुक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
यमुना भक्तों ने बीजेपी के गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उमा भारती, अमित शाह से वार्ता की परंतु सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यमुना स्वच्छता को लेकर जो रुख कांग्रेस ने अपनाया वही रुख भाजपा द्वारा अपनाया जा रहा है।
संत रमेश बाबा ने कहा कि हम पिछले वर्ष ही आमरण अनशन पर बैठ रहे थे, परंतु ब्रज के वरिष्ठ संत ज्ञानानन्द के कहने पर अनशन को टाल दिया गया।
यदि सरकार ने यमुना मुक्तिकरण के लिए कोई कार्रवाई नहीं की तो ब्रज के सभी संतजन 15 अप्रैल से यमुना मुक्तिकरण के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर निर्णायक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर रालोद के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, हरीश ठेंनुआ, राज शर्मा, पंकज चतुर्वेदी, राजेन्द्र सिंह, संयोजक राधाकांत शास्त्री, सह संयोजक सुनील सिंह भाटी आदि मौजूद रहे।