मथुरा की बिटिया आकृति गर्ग ने कलाकारों की प्रतिभाओं को उनके मुकाम तक पहुंचाने के लिए अभिनव पहल की है। इसके लिए उन्होंने एक वेबसाइट लांचमाईटैलेंट डॉट कॉम शुरू की है। इस पर किसी भी क्षेत्र का कोई कलाकार अपनी प्रतिभा का विशेषज्ञों से आकलन करा सकता है और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।
जागरूकता, मार्गदर्शन और जानकारी के अभाव में छोटे शहरों, कस्बों या ग्रामीण अंचल की बहुत-सी प्रतिभाएं वहीं दम तोड़ देती हैं। ऐसी प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाने का अनोखा प्रयोग किया है भूतेश्वर निवासी अनुज गर्ग और रितु गर्ग की बेटी आकृति ने।
वह दिल्ली के किरोड़ीमल कालेज से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं। टीवी पर रिएलिटी शो देखने की शौकीन आकृति ने लांचमाईटैलेंट डॉट कॉम (अब दुनिया देखेगी तेरा हुनर) की शुरुआत की है।
इस साइट पर डांस, गाना, कुकिंग, मिमिक्री, कॉमेडी, आर्ट, फोटोग्राफी, लेखन, एक्टिंग, स्पोर्ट्स, सहित 14 क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कॉम्पटीशन की प्रक्रिया शुरू हो गई।
वेबसाइट की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गूगल एनालिटिकल रिपोर्ट के अनुसार हर दिन औसतन 25-30 हजार लोग इसे देख रहे हैं, लगभग तीन माह में 18 लाख से ज्यादा लोग इसको विजिट कर चुके हैं। गूगल दो माह से लगातार इस वेबसाइट को 100 प्रतिशत की रेटिंग दे रहा है।
आकृति विश्व में तेजी से उभरते सफल युवाओं की संस्था में शामिल
अमेरिका के सिलिकॉन वेली में विश्व के सबसे तेजी से उभरते युवाओं की एंटरप्रेन्योर संस्था (टाई) ने आकृति को सदस्यता प्रदान की है। इस संस्था में विश्व के मात्र 12 हजार युवा ही शामिल हैं।
इसके अलावा भारत की प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्था फिक्की की महिला विंग में भी उन्हें जगह मिली है। दिल्ली स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, स्माल मीडियम एंटरप्राइजेज संस्था से जुड़े स्टार्टअप आइडिया टू आईपीओ विशेषज्ञ
राजन भाटिया ने इस साइट को भारतीय प्रतिभा को विश्व स्तर पर उभारने की दिशा में एक रचनात्मक और सकारात्मक सोच बताते हुए इस साइट के बोर्ड में विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में शामिल होने की हामी भर दी है।
यह साइट प्रतिभाशाली लोगों के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसकी उन्हें अत्यंत आवश्यकता है। स्मार्ट फोन और कंप्यूटर के युग में इस वेबसाइट के जरिए घर बैठे एक क्लिक से आप अपनी प्रतिभा दुनिया को दिखा सकते हैं। अगले चरण में इस साइट पर ब्रज की प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाएगा।
- आकृति गर्ग, छात्रा किरोड़ीमल कालेज नई दिल्ली, निवासी भूतेश्वर मथुरा