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पर्यावरण विद् एमसी मेहता ने देखी यमुना की दुर्दशा

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मथुरा। प्रख्यात पर्यावरणविद सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एमसी मेहता के साथ नीरी के क्षेत्रीय अधिकारी ने अपनी टीम के साथ कोसी ड्रेन से गोकुल बैराज के मध्य यमुना का निरीक्षण किया। इस दौरान यमुना में गिर रहे नाले व प्रदूषण को देखकर वह हैरान हो गए।
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पिछले दिनों यमुना में विभिन्न नाले तथा गंदगी के प्रवाह संबंधी समाचार अमर उजाला में प्रकाशित किए जा रहे हैं। इस मामले की पूरी जानकारी यमुना कार्य योजना के याची. गोपेष्वरनाथ चतुर्वेदी ने सर्वीेच्च न्यायालय के अधिवक्ता और पर्यावरणविद एमसी मेहता को दी। इसके बाद बुधवार को वह नीरी के क्षेत्रीय अधिकारी एस.के.गोयल के साथ आए।
उन्होंने कोटवन सीमा से कोसी ड्रेन पहुंचकर पानी में में बह रहे औद्यौगिक कचरे व रसायनों से काला पानी देखा। वृंदावन के वाराह घाट पर 20 एमएलडी पानी के सापेक्ष मात्र 12 एमएलडी पानी शोधन होता मिला। साथ ही मसानी नाले में बह रहीं पॉलीथिन भी यमुना में गिरते दिखीं। टीम ने गोकुल बैराज पहुंचकर भी हालात का जायजा लिया।
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यमुना मामले के याची गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि औद्यौगिक रसायनों से भरे नालों को टैप न किये जाने व वर्तमान संयत्रों का पूर्ण संचालन न किये जाने से यमुना में प्रदूषण बढ़ रहा है। निरीक्षण के बाद वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि भी गए। उनके साथ महक रस्तोगी एडवोकेट, कात्यायनी एडवोकेट, नीरी के क्षेत्रीय अधिकारी डा. एसके गोयल, सहायक अधिकारी प्रवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
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