शासन ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के एक्सईएन संजीव अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय मंत्री के मथुरा आगमन के दौरान की गई शिकायत आधार पर शासन ने की है।
नवंबर माह में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मंत्री का मथुरा आगमन हुआ था। इस दौरान किसान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों से भी मंत्री ने वार्ता की थी। बताया जाता है कि इस दौरान विभागीय अवर अभियंता और सहायक अभियंताओं ने एक्सईएन को लेकर मंत्री से शिकायत की थी।
इसके अलावा कुछ बाहरी लोगों ने भी विभाग में स्थानीय स्तर पर पंजीकृत करीब आधा दर्जन फर्म द्वारा फर्जी एफडीआर की जानकारी दी । मंत्री को यह भी बताया गया कि ब्लैक लिस्टेड के दायरे में आने वाली उक्त फर्मों को एक्सईएन ने काम भी दे दिए हैं। उक्त फर्मों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है।
ऐसी शिकायतों के बाद विभागीय मंत्री ने प्रमुख सचिव ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर एक्सईएन को निलंबित कर दिया गया है। शासन स्तर से की गई निलंबन की कार्रवाई का फैक्स भी जारी हो गया है।
गौरतलब रहे कि आरईएस के एक्सईएन संजीव अग्रवाल की कार्य प्रणाली को लेकर प्रशासनिक अफसर भी संतुष्ट नहीं हैं। शासन को पूर्व में उनके खिलाफ डीएम और सीडीओ के स्तर से रिपोर्ट भेजी गई हैं।
सांसद निधि के टेंडर के पूल की तैयारी
सांसद हेमामालिनी की निधि के गुरुवार को टेंडर डाले जाएंगे। इसके लिए ओपन टेंडर आमंत्रित किए गए हैं, लेकिन विभागीय अभियंताओं ने ठेकेदारों के साथ मिलकर पूल की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार कोशिश की जा रही है कि ठेकेदारों में टेंडर को लेकर क म्पटीशन न हो। इसमें विभागीय अवर अभियंता अहम भूमिका निभाएंगे।