प्रो-पूअर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत दो दिवसीय जिला भ्रमण पर आई विश्वबैंक की टीम ने गुरुवार को वृंदावन, मथुरा और गोवर्धन के दर्शनीय स्थलों का जायजा लिया। इसके अलावा टीम ने गोकुल, बलदेव और बरसाना से संबंधित तथ्य भी जुटाए।
विश्वबैंक मथुरा के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 441 करोड़ रुपये से विकास करने जा रहा है। इसके लिए कार्य क्षेत्र चयनित कर लिए गए हैं। संबंधित कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से पहले विश्वबैंक की टीम संबंधित स्थलों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर जिले में आई है।
दौरे के दूसरे दिन टीम ने वृंदावन में गौरानगर कालोनी स्थित गोविंद कुंड, दावानल कुंड, अखंडानंद मार्ग मोतीझील और गंगा सिंह के तालाब का निरीक्षण किया। गोवर्धन क्षेत्र में टीम ने परिक्रमा मार्ग में ऐतिहासिक नक्कासी के प्रतीक कुसुम सरोवर, प्राचीन धार्मिक आस्था के केंद्र नारद कुंड को देखा।
इसके बाद टीम ने जतीपुरा में सुरभि कुंड और हरजी कुंड का निरीक्षण किया। इन स्थलों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। टीम के साथ चल रहे जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिले के धार्मिक, पौराणिक स्थलों और कुंडों का जीर्णोद्धार होना है।
इस दौरान टीम में स्टैफनी एवाकैर्ली, ऐनी, उमेश शर्मा आदि थे। इसके अलावा टीम ने मथुरा मेें पोतरा कुंड को भी देखा। बरसाना, बलदेव और गोकुल से संबंधित तथ्य भी जुटाए।
‘ऐसे कैसे होगा सौंदर्यीकरण’
हरजी कुंड पर साबुन लगाकर कपड़े धो रही कुछ महिलाओं को देखकर टीम ने नाराजगी जताई। कहा कि ऐसे कैसे सौंदर्यीकरण होगा? इसके उपरांत टीम गोवर्धन दानघाटी मंदिर होते हुए मथुरा निकल गई।