नगर के प्राचीन केशीघाट पर चल रहे यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना का कार्य रविवार को पुन: शुरू हो गया। सिंचाई विभाग की कार्ययोजना के विरुद्ध पूर्व में महंत मधुमंगल शरण शुक्ल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यहां निर्माण कार्य रोक दिया गया था। बता दें कि यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना सीएम अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजना है।
रविवार शाम कार्यदायी संस्था ने 35 पाइलिंग शीट यमुना के गोविंदघाट के समीप डालने का कार्य किया। विभागीय कांट्रैक्टर विजय कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों से प्राप्त आदेश के बाद निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी है। प्राचीन जुगलकिशोर मंदिर को देखते हुए एएसआई की ओर से जारी गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए तय सीमा से दूर कार्य कराया जा रह है। उन्होंने बताया कि घाटों को किसी प्रकार का नुकसान न हो इस संबंध में भी सतर्कता बरती जा रही है।