मंदिरों पर बड़े नोट लेकर छोटे नोट बदलने के स्टिंग के बाद से प्रमुख मंदिरों पर प्रबंधन ने कड़ाई शुरू कर दी है। निगहबानी शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार द्वारा बंद किए गए 500 और 1000 के नोटों को चलन से बाहर किए जाने से नागरिक दैनिक कार्यों के लिए बडे़ नोटों को छोटे नोट में बदलने को प्रयासरत हैं। कहीं पर भी इन नोटों को स्वीकार न किए जाने से परेशान नागरिक और श्रद्धालु खुले रुपयों के लिए मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। मंदिरों में भी कमीशन पर बड़े नोट बदलने जाने की सूचना मिली। दानघाटी मंदिर पर हुए स्टिंग के बाद जब मामला चर्चित हुआ तो सभी मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
दानघाटी मंदिर के घटनाक्रम से अन्य प्रमुख मंदिर प्रशासन के कान भी खड़े हो गए हैं। हालांकि मंदिर प्रबंधन व सेवायत ऐसी किसी भी मामले को एक षड्यंत्र बता रहे हैं। वहीं मंदिर प्रबंधन ने मंदिरों के सेवायतों को नोट न बदलने की कडे़ शब्दों मे चेतावनी देते हुए निगहबानी बढ़ा दी है।
वहीं दानघाटी मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी ने बताया कि सेवायतों से साफ शब्दों में किसी को भी बडे़ नोट बदलकर छोटे नोट देने से इंकार किया गया है। वहीं जिस सेवायत का बेटा स्टिंग में आ रहा था उसे मंदिर की सेवा से हटा दिया गया है। वहीं मानसी गंगा मुकुट मुखारबिंद मंदिर व हरगोकुल मंदिर प्रबंधक मनु ऋषि ने बताया कि उन्होंने भी मंदिर सेवायतों को बडे़ नोटों की एवज मे छोटे नोट देने से मना किया है। तथा वह खुद नजर रख रहे है। वही तलहटी के अन्य मंदिरों मे भी स्टिंग के बाद से हड़कंप मचा है तथा ऐसी प्रक्रिया से पल्ला झाड़ा जा रहा है।