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Mathura News: महिला बंदी ले रहीं ईको फ्रेंडली राखी बनाने का प्रशिक्षण

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मथुरा। जिला कारागार में प्रशिक्षण के दौरान राखी बनाती महिला बंदी। - फोटो : mathura
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मथुरा। रक्षाबंधन के त्योहार पर भाइयों की कलाई पर सजने वाली राखी बनाने का कार्य तेजी से हो रहा है। जिला कारागार में भी जापानी तकनीक से क्रोशिया के माध्यम से इको फ्रेंडली राखी बनाने का 20 महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 200 के करीब राखी तैयार हो रही हैं। जिला कारागार के अलावा अन्य स्थानों पर स्टॉल लगाकर इनकी बिक्री की जाएगी।
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जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि खजानी वेलफेयर सोसायटी द्वारा 20 महिला बंदियों को राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिला बंदी जापानी तकनीक से क्रोशिया से राखी बना रही हैं। राखी में फल और सब्जी के बीज लगाए जा रहे हैं। ताकि रक्षाबंधन के बाद राखी को लोग जमीन या गमले में दबा दें तो उसमें से पौधा उग आए।
उन्होंने बताया कि क्रोशिया से राखी बनाने का प्रशिक्षण दिलाने के पीछे मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों के कौशल विकास को मजबूत करना है। जेल से बाहर जाने के बाद महिलाएं क्रोशिया की मदद से वस्त्र आदि बनाकर अपना व्यवसाय भी कर सकती हैं।
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क्या है क्रोशिया और कैसे होती है बुनाई
क्रोशिया एक हस्तकला है। इसमें एक हुक का उपयोग करके धागे को आपस में जोड़कर कपड़े या अन्य वस्तुएं बनाई जाती हैं। इसे क्रोशिया हुक और यार्न या धागे की मदद से किया जाता है। यह बुनाई के समान ही है, लेकिन इसमें दो सुइयों के बजाय एक हुक का उपयोग किया जाता है। क्रोशिया से कंबल, फीता, स्कार्फ, स्वेटर आदि जैसी कई चीजें बनाई जाती हैं।
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