गोवर्धन। पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के कारण रसोई गैस की किल्लत शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हो रही है। उन्हें चूल्हे सुलगाने पड़ रहे हैं ताकि परिवार को खाना मिल सके। उधर प्रशासन गैस सिलिंडरों की कमी न होने का दावा कर रहा है।
स्थानीय निवासी गीता ने बताया कि कई दिनों से गैस सिलिंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लग रही है। मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। गुड्डी देवी ने कहा कि सिलिंडर की किल्लत के कारण चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। धुएं से आंखों में जलन होती है। ममता अग्रवाल ने कहा की सरकार गैस की कमी न होने का दावा कर रही है, लेकिन गैस एजेंसियों के चक्कर काटने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। कमला शर्मा ने बताया कि सिलिंडर न मिलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। संवाद