मथुरा के नरहौली गांव में बारात चढ़त के दौरान पथराव और हिंसा के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। घटना में दुल्हनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर भी आरोप लगाए, जबकि भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
मथुरा के नरहौली में बुधवार देर रात हुए पथराव में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। जैसे ही पथराव की सूचना मिली, दोनों दुल्हनें मौके पर पहुंच गईं। उनका कहना है कि आरोपियों ने उनके घर में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस ने उनका साथ दिया। इतना ही नहीं, महिलाएं लाठी लेकर पुलिसकर्मियों के सामने आ गईं जिससे पुलिसकर्मियों को भागना पड़ा।
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दुल्हनों के भाई नाहर सिंह को भी पथराव में चोट लगी है। उन्होंने बताया कि ठाकुर समुदाय का कोई व्यक्ति बीमार था। जिस समय बरात चढ़ रही थी उसी समय वे उसे लेकर चिकित्सक के पास जा रहे थे। ये सभी बरात के निकट से गुजरे तो अचानक गालियां देने लगे। उन्होंने बग्गी में लात मारनी शुरू कर दी। इसी का विरोध किया गया तो मारपीट, पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद बवाल हुआ।
दोनों दुल्हनों ने पहले दूसरे पक्ष के लोगों और फिर पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया। कहा कि आरोपी उनके घर में आ घुसे। दहेज का सामान तोड़ दिया। दहेज के लिए नया ट्रैक्टर लाए थे। इसी में ट्राली लगाकर बरात के लिए खानपान का कुछ सामान लेकर गए थे। आरोपियों ने ट्रैक्टर तोड़ दिया और सामान भी खुर्दबुर्द कर दिया। पुलिस ने खाना खा रहे बरातियों की पिटाई की।
उधर, ठाकुर पक्ष का आरोप है कि डांस को लेकर बराती पहले खुद ही लड़ बैठे। लड़ते लड़ते रवि मिष्ठान में घुस गए और यहां युवक की पिटाई कर दी। सामान तोड़ दिया। मिठाईयां खुर्द बुर्द कर दीं। इसका विरोध किया तो बरातियों ने पथराव शुरू कर दिया। देर रात बरात पंडाल में पहुंच गई थी और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। दुल्हन और दूल्हे दोनों के ही परिवार कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे
जैसे ही इस पूरे प्रकरण की सूचना मिली, भीम आर्मी मथुरा ईकाई के जिलाध्यक्ष आरके फाइटर सदस्य के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले भी ऐसा हुआ है जब मथुरा में अनुसूचित जाति की दुल्हनों की बरात चढ़ने से रोकी गई है। उन्हें पीटा तक गया है। जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं है।
करनावल गांव की आई याद....पुलिस के हाथ पांव फूले
जैसे ही नरहौली गांव में अनुसूचित जाति की बरात रोकने और पथराव की सूचना आई, पुलिस के हाथ पांव फूल गए। उन्हें यहां के करनावल गांव की घटना याद आ गई जिसमें ब्यूटी पार्लर से लौट रही अनुसूचित जाति की दो दुल्हनों को बुरी तरह से पीटा गया था। पिछले साल 21 फरवरी 2025 को मथुरा के ही गांव करनावल में बवाल हुआ था। घटना तब शुरू हुई जब दोनों दुल्हन बहनें ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर कार से लौट रहीं थीं। रास्ते में उनकी गाड़ी और एक बाइक के बीच मामूली टक्कर हो गई। इसके बाद बाइक सवार लड़कों ने विवाद शुरू कर दिया। आरोपियों ने दुल्हनों के साथ गाली-गलौज की और उनकी पिटाई कर दी। दुल्हनों के रिश्तेदारों (जीजा और फूफा) को बुरी तरह पीटा। शाम को बरात में घुसकर हंगामा किया, जिससे डरकर राजस्थान से आए दूल्हों ने सुरक्षा कारणों से शादी करने से इनकार कर दिया और बरात बिना दुल्हन लिए वापस लौट गई थी। हालांकि इस मामले में रिफाइनरी थाना पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों बहनों की शादी अन्य युवकों से हो गई थी। मामला पूरे प्रदेश भर में गूंजा था। यही कारण रहा कि जैसे ही पुलिस को नरहौली की सूचना मिली, पुलिस तत्काल उधर दौड़ी। स्थिति पर नियंत्रण का प्रयास किया। महिलाएं आगे आईं तो पुलिस ने पीछे हटने में ही भलाई समझी।