यूपी के हाथरस में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में हुई भगदड़ में मथुरा की एक महिला की मौत हो गई। जबकि तीन अबी लापता हैं। घटना से घर में चीख पुकार मची है। सत्संग में नैनू पट्टी से करीब 15 और सौंख की जाटव बस्ती और गांव बछगांव से तीन बसों में करीब 200 लोग गए थे।
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मगोर्रा थाना क्षेत्र के डोमपुरा गांव व नगला हरजू से करीब 15 महिलाएं सिंकदराराऊ में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में गई थीं। सत्संग के समापन के दौरान भगदड़ में डोमपुरा निवासी वासो देवी (70) पत्नी फूल सिंह की भीड़ में दबने से मौत हो गई। जबकि श्यामवती पत्नी सोरन सिंह, शकुंतला देवी पत्नी श्यामवीर, अंगूरी देवी पत्नी शिम्मू अभी तक लापता हैं।
कस्बा सौंख की जाटव बस्ती और बछगांव से तीन बसों में करीब 200 लोग भोले बाबा के प्रवचन सुनने गए थे। तीनों बसों की महिलाओं सहित सभी अनुयायी सलामत हैं। देर शाम को तीनों बसे सौंख के लिए निकल आईं। सौंख निवासी अनुयायी विजय सिंह ने बताया कि हाथरस के प्रशासन ने सत्संग के समापन होने से पूर्व ही अलग से पंडाल का द्वार खोल दिया। इसके बाद प्रशासनिक लोग चले गए।
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इससे पंडाल से एक साथ निकलने को लेकर अनुयायियों में भगदड़ मच गई। लोग पंडाल के समीप से निकले नाले में गिर गए। प्रधान डॉ देवेंद्र सिंह ने बताया कि मेरी पंचायत के दो गांवों से करीब 15 महिलाएं गई थीं। इसमें एक की मौत हो गई। तीन अभी लापता हैं। उन्होंने सरकार से मृतक महिला के परिजन एक करोड़ की आर्थिक मदद की मांग की। घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की।