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परंपराओं को तोड़ विधवाओं के जीवन में उतरे रंग

Thu, 09 Mar 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला वृंदावन
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सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से राधागोपीनाथ मंदिर में हुआ भव्य आयोजन - फोटो : अमर उजाला
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सफेद लिबास पहनकर बेरंग जीवन जीने को मजबूर वृंदावन की विधवाओं ने एक बार फिर परंपरा से परे जाकर होली में रंगो का अहसास किया। वृंदावन का राधा गोपीनाथ मंदिर उस क्षण का गवाह बना जब विधवाओं ने सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपराओं की बेड़ियों को तोड़ते हुए होली खेली। 
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मंदिर प्रांगण में दोपहर से शुरू हुई फूलों और गुलाल की होली के दौरान विधवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। होली के गीतों की धुन पर नृत्य करतीं विधवाएं ऐसी लग रही थीं मानो अतीत के रंगहीन क्षणों को पीछे छोड़ आईं हैं। करीब पंद्रह कुंतल फूलों और कई क्विंटल गुलाल से खेली गई होली में  विधवा महिलाओं रंगों का भरपूर आनंद लिया। आश्रय सदन में रह रहीं राधा दासी, अनीतादासी, कृष्णा देवी ने बताया कि यह बहुत ही अच्छा अनुभव है। सुमित्रादासी बोलीं वर्षों तक उन्होंने होली नहीं मनाई। त्यौहार का मतलब ही भूल चुकी थीं। आज अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली है।  

बता दें कि संस्था सुलभ इंटरनेशनल विधवा महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है। इसी प्रयास में गुरुवार को वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक राधा गोपीनाथ मंदिर प्रांगण में फूलों और गुलाल की होली का आयोजन किया गया। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि विधवाओं की जिंदगी में नए रंग भरने का मौका देकर सुलभ ने समाज को यह संदेश देने की कोशिश की है कि विधवा महिलाएं भी समाज का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जितने दूसरे लोग। उन्होंने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल वृंदावन, वाराणसी और उत्तराखंड के केदारनाथ की हजारों विधवाओं की ना सिर्फ देखभाल कर रहा है बल्कि उनके कौशल विकास के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। राधा गोपीनाथ मंदिर के सेवायत राजा गोस्वामी ने कहा कि इस दिव्य आयोजन का गवाह उनका मंदिर बना है। आयोजन की कवरेज के लिए देश-विदेश से मीडियाकर्मी पहुंचे थे। 
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