मथुरा। राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप मंडी समिति के अनाज मंडी में दुकानों के भरा बरसात का पानी
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मथुरा। मंडी समिति ने तालाब का रूप ले लिया है। हर तरफ पानी ही पानी है। सौ से ज्यादा दुकानें तो सोमवार को खुल ही नहीं पाईं। जिससे कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह बाजार भी नहीं लग सका था। मंडी परिसर की सभी सड़कें पानी में डूबी रहीं।
सब्जियां लेकर किसान भी कम ही पहुंचे। लोगों का कहना है कि हाईवे और सौंख रोड का सारा पानी मंडी समिति में घुस गया। सड़कें ऊंची होने के कारण पानी मंडी में आ गया है।
आगरा-दिल्ली हाईवे किनारे स्थित मंडी समिति में 500 से भी ज्यादा दुकानें हैं। यहां एक फल मंडी, सब्जी मंडी और अनाज मंडी लगती है। दोपहर को बारह बजे तक बड़ा कारोबार होता है। लेकिन रविवार को हुई बरसात ने पूरी मंडी समिति को तालाब बना दिया।
सोमवार को हर तरफ पानी ही पानी था। 100 से भी ज्यादा दुकानें तो ऐसी थीं जो पानी भरा होने के कारण खुल ही नहीं पाईं। व्यापारी पहुंचे लेकिन हालात देखकर दुकान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कई जगह तो दुकानों के भीतर भी पानी घुस गया था।
राधिका विहार निवासी द्वारिकेश शर्मा का कहना था कि जलभराव हर बरसात में हो जाता है। हाईवे किनारे जो नाला है वह बंद पड़ा है। हाईवे को ऊंचा करके बना दिया गया है जिससे उसका पानी मंडी में आ जाता है। मंडी कारोबारी ब्रजेश अग्रवाल का कहना था कि हमारी दुकान में पानी भर गया है।
आज इतना पानी थी कि व्यापारी दुकान नहीं खोल पाए। कारोबारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि जलभराव के चलते मंडी में आज कोई पहुंचा ही नहीं है। अनाज मंडी नहीं लग सकी। जिससे व्यापारियों के भारी नुकसान हुआ है।
किसान भी नहीं पहुंचे। प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बताया कि हर बार बरसात में मंडी तालाब बन जाती है लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता है। अगर पानी निकासी की व्यवस्था कर दी गई होती तो इस तरह के हालात आज न होते।