झमाझम बारिश और लबालब सड़क। कई फुट बहता पानी भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सका। श्रद्धालुओं के कदम बढ़ते ही चले गए। करीब दो घंटे हुई बरसात ने चारों ओर पानी ही पानी कर दिया। प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी।
सड़क पर पानी भरा था तो नालियां खुली पड़ी थीं। कई श्रद्धालु गिरकर चोटिल भी हो गए। मेला के शुरूआती चरण में भीड़ कम है। अगर भीड़ के रेला में श्रद्धालु गिर जाते तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था। नगर पंचायत कार्यालय के समीप पहलवान नगर के सामने डेढ़ फीट नाली खुली पड़ी है।
मुकुट मंदिर के समीप हाथरस वाली धर्मशाला के सामने भी नाली पर जाली नहीं है। बड़ा बाजार लक्ष्मीनारायण मंदिर के समीप पानी की निकासी न होने से दो फीट से ऊपर पानी से होकर परिक्रमार्थियों को निकलना पड़ा।
यही स्थिति बिजली घर के सामने दसविसा, सौंख अड्डा व अन्य स्थानों पर देखी गई। प्रशासन ने समय रहते बरसात को गंभीरता से नहीं लिया तो भीड़ के सैलाब के बीच दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पार्किंग स्थलों में जलभराव, कीचड़
मुड़िया पूर्णिमा मेला में पार्किंग स्थलों की स्थिति खराब है। यहां करीब पांच संपर्क मार्गों पर 50 के करीब पार्किंग बनाई हैं। इन पार्किंग स्थलों पर कीचड़ व पानी होने की वजह से वाहन चालक पार्क करने से कतरा रहे हैं।
बारिश ने हस्तशिल्पियों को पहुंचाया नुकसान
जिला उद्योग केंद्र मथुरा ने मुड़िया मेला में प्रोत्साहन देने के लिए हस्तशिल्पियों को अपनी दुकान लगाने का अवसर दिया है। प्रशासन ने रामलीला मैदान में बिना वाटरप्रूफ पांडाल लगाकर व्यवस्था की है।
शुक्रवार को हुई बारिश में हस्तशिल्पियों को नुकसान हुआ। उनका सामना पानी में खराब हो गया। हस्तशिल्पी लोकेन्द्र, रामकुमार, अनवर खान, इंतजार खान ने बताया कि वे आगरा और झांसी से आए हैं। बारिश के कारण पूरा सामान खराब हो गया।