गर्मी का प्रकोप दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इससे नगर के कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पालिका के अधिकांश हैंडपंप खराब होने के कारण स्थिति और खराब हो गई है। इससे राहगीरों को भी मुश्किल हो रही है।
पालिका प्रशासन के जलकल विभाग के मुताबिक नगर में करीब 70 हैंडपंप खराब हैं। नगर का कोई इलाका ऐसा नहीं जहां दो चार हैंडपंप खराब न हों। दर्जनों हैंडपंप विकास योजना की भेंट चढ़ गए हैं।
राधा निवास, सीएफसी चौराहा, मोतीझील, गौरा नगर कालोनी, परिक्रमा मार्ग में सड़क चौड़ीकरण या सड़कों के नवीनीकरण में हैंडपंप उखाड़ दिए गए। कुछ तो आधे से अधिक सड़क में ही समा गए। लोगों की शिकायत के बाद पालिका प्रशासन ने अपने और गैर सरकारी हैंडपंपों की मार्किंग कराई है। पालिका प्रशासन ने 35 हैंडपंप को री-बोर कराने के लिए जलनिगम को लिखा है।
नगर के गौरा नगर कालोनी, किशोरपुरा, राधा निवास, दुसायत, अठखंभा, बिहारीपुरा, मोतीझील, कुम्हार पाड़ा, मथुरा दरवाजा, संत कालोनी, परिक्रमा मार्ग आदि दर्जनों इलाकों में हैंडपंप खराब हैं। गर्मी में पालिका की पेयजल व्यवस्था बिगड़ने पर नगरवासियों को हैंडपंप का ही सहारा रह जाता है, लेकिन उचित रख रखाब के अभाव में हैंडपंप दिनों दिन खराब हो रहे हैं।
नए हैंडपंप लगाने की मांग
नगर पालिका के जलकल विभाग के सुपरवाइजर रत्नेश सारस्वत के अनुसार वर्तमान में नगर में लगभग 250 हैंडपंप हैं। इनमें से करीब 70 खराब होने की सूचना पालिका प्रशासन को मिली है। जलकल विभाग के जेई दुष्यंत कुमार ने बताया कि 35 हैंडपंप को री-बोर कराने के लिए जलनिगम को पत्र लिखा गया है। अलग-अलग स्थानों पर 50 नए हैंडपंप लगाए जाने के लिए भी लिखा है।