शेरगढ़। यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने से शेरगढ़ के खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी का पानी खेतों में घुसने लगा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों के लोग रात भर सो नहीं पा रहे हैं और उन्हें पानी के तेजी से बढ़ने का डर सता रहा है।
खादर क्षेत्र में पानी चढ़ने से किसानों ने अपनी खड़ी फसलें काटनी शुरू कर दी हैं। वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि बाढ़ से फसलें बर्बाद न हों। बाढ़ प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों में हलचल तेज है। उन्हें इस बात का भय है कि इस बार कितना पानी आएगा। दरअसल, शेरगढ़ के चार-पांच गांव हर साल बाढ़ से घिर जाते हैं। सभी ग्रामीण यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की अपील
धीमरी गुलाल पुर निवासी रामधन गुर्जर ने बताया कि हर साल किसान और ग्रामीण यमुना की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले ही बाढ़ से निपटने के इंतजाम कर लेने चाहिए ताकि किसान चैन की नींद सो सकें। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व तैयारी से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।