सौंख (मथुरा)। गोलगप्पे खाने से बिगड़ी बच्चों और महिलाओं की तबीयत को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे किया और बच्चों को दवाइयां भी वितरित की गईं। चिकित्सकों का कहना है कि केमिकल युक्त पानी के साथ ही आलू भी खराब थे। उन्हें गोलगप्पे में भरकर खाने से बच्चों व महिलाओं की तबीयत बिगड़ी है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने गोलगप्पे बेचने वाले को गिरफ्तार कर शांति भंग में चालान किया है। फिलहाल दो महिलाओं का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
थाना मगोर्रा के गांव बोरपा में शुक्रवार को गोलगप्पे खाने से करीब 25 बच्चों और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इस मामले में पुलिस ने गोलगप्पे बेचने वाले गांव अडींग के मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया और शांति भंग की कार्रवाई की। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे सीएससी प्रभारी नेहा चौधरी के साथ चिकित्सकों की टीम गांव बोरपा पहुंची और बीमार बच्चों व महिलाओं के घर पहुंचकर सर्वे किया।
कुछ बच्चों की तबीयत समय पर उपचार मिलने से ठीक हो गई, जबकि कुछ महिलाओं व बच्चों का इलाज अभी चल रहा है। गांव की महिला बबीता की तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी प्रकार सुशीला देवी को गर्भवती होने की वजह से जांच के लिए मथुरा रैफर किया गया है। घटना के बाद खाद्य विभाग से यतेंद्र कौशिक की टीम भी गांव बोरिपा पहुंची और गोलगप्पे खाने से बीमार हुए मरीजों से जानकारी ली।
टीम में सीएससी प्रभारी डॉ. नेहा चौधरी, डॉ. रविंद्र गोस्वामी, डॉ चित्रेश निर्मल, सीएचओ योगेश, डॉ. कपिल, डॉ. अंकित, फार्मासिस्ट योगेश सारस्वत, स्टाफ नर्स मानवेन्द्र सिंह, सरोज देवी, एएनएम रंजना देवी आदि ने शिविर लगाकर बच्चों की जांच कर दवाइयां दीं।
डॉ. नेहा चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने घर-घर सर्वे किया है।