मथुरा। लगभग तीन दशक बाद मांट ब्रांच से कोपा माइनर तक पानी पहुंचा है। इससे लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे गांवों में खेती-किसानी को नया संबल मिला है। खेतों में सिंचाई के अभाव, गिरते भूजल स्तर और खारे पानी की समस्या से परेशान किसान अब आगामी फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं।
सिंचाई विभाग के एसडीओ राष्ट्रदीप सिंह ने बताया कि माइनर में छोड़ा गया पानी रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। पिछले कई वर्षों से माइनर में पानी न आने की वजह से किसानों को बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ रहा था। लगातार खारे पानी की बढ़ती समस्या खेती को प्रभावित कर रही थी। अब नहरों में मीठा पानी उपलब्ध होने से न केवल खेतों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी बल्कि भूजल स्तर में सुधार की भी उम्मीद बनी है।
पानी पहुंचने से कुकटई, कुरसंडा और सादाबाद रजवाहा के आसपास के गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। किसानों ने बताया कि नहरों में पानी बहते ही खेतों में गेहूं, सरसों व आलू जैसी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई सुचारू रूप से हो सकेगी। ग्रामीण तिलक सिंह, अंकित सिंह पहलवान, आदि का कहना है कि यदि माइनर में पानी की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रही तो क्षेत्र में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।