श समरसेबल पंप पर पानी भरते ऊंची गोदाम मोहल्ले के लोग।
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मथुरा। कहीं निगम अधिकारियों की तो कहीं विद्युत निगम के आला अधिकारियों की लापरवाही की मार से जनता को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है । सिस्टम इतना जटिल है कि मलिन बस्ती के लोगों की गुहार न अधिकारी सुन रहे और न ही विद्युत मंत्री के निर्देशों पर काम करने वाले बिजली अधिकारी।
जिसके परिणाम स्वरूप मेहनत-मजदूरी करके दो जून की रोटी कमाने वालों को दो घूंट पानी के लिए भी पसीना बहाना पड़ रहा है। कृष्णा नगर वार्ड 58 का एक हिस्सा रोटी गोदाम मलिन बस्ती है। यहां विगत 15 वर्ष पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष द्वारा लगवाए गए सबमर्सिबल से मजदूर पानी पी रहे हैं। पानी की मजबूरी ऐसी कि सबमर्सिबल के खराब होने पर इन्हें अपनी जेब से ही ठीक कराना पड़ता है।
- नगर निगम की पाइप लाइन है कनेक्शन भी है परंतु पानी नहीं है। कभी थोड़ा बहुत आ गया तो आ गया। नहीं तो पानी के लिए हमें क्षेत्र में लगे सबमर्सिबल का ही सहारा है। - सायरा, निवासी रोटी गोदाम।
- हम क्या करें। जब भी हम किसी नेता या अधिकारी को बताते हैं कि पानी की समस्या है तो वह कहते हैं कि तुम्हारे यहां पर कनेक्शन तो है परंतु हमें उन कनेक्शनों से कोई लाभ नहीं है। - सितारा बेगम।
- हम मजदूर हैं हमारी कौन सुनेगा। हमें पानी की मांग करते-करते 15 साल हो गए। कहने को पाइप लाइन डाल दी। कनेक्शन भी दे दिये परंतु पानी नहीं आ रहा है। अब हम खुद सबमर्सिबल को ठीक कराते हैं व खुद देखभाल करते हैं। - ओम प्रकाश।
- नगर निगम का सबमर्सिबल मजदूर ठीक कराते हैं। मगर निगम वाले उसे आज तक देखने नहीं आते हैं। जिसके चलते कभी-कभी सबमर्सिबल का पानी बहता भी रहता है। - सुषमा गौड़, रोटी गोदाम।
- रोटी गोदाम थोड़ा ऊंचे स्थान पर है। इसके चलते वहां पर पावर कट होने के कारण पानी नहीं जा पा रहा है। वहां के लोगों को निगम का पानी नहीं मिल पा रहा है। - हेमंत अग्रवाल, पार्षद कृष्णानगर वार्ड 58।