मथुरा। कथावाचक इंद्रदेव के विवादित बयान से गुस्साए श्रीचतुर्वेदी रामलीला महासभा ने बुधवार को विश्राम घाट पर धर्म सभा महापंचायत की। इसमें महासभा एंव संतों ने सरकार से ईश निंदा करने और सनातन धर्म के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने और सख्त कानून बनाने की मांग की है। कहा गया कि कथा वाचक इंद्रदेव अब ब्रज मंडल में कथा नहीं कर पाएंगे। इनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
महापंचायत में एक स्वर में संतों एवं धर्माचार्यों ने ऐसे लोगों के लिए कठोर कानून बनाने पर जोर दिया। संत मोहनी शरण महाराज ने कहा कि अब माफी से काम नहीं चलेगा, उसके लिए दंड निर्धारित करना होगा। महासभा के कोषाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी ने कहा कि रामलीला महासभा का पांच सदस्य प्रतिनिधिमंडल सभी संत एवं ब्रज के धार्मिक संगठनों से मिलेगा। इसके बाद अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की पहल करेगा।
तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रयागनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे कथा वाचक जो धर्म के संबंध में अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि यह सनातन धर्म के लिए शर्मनाक है। महापंचायत में महामंडलेश्वर व्यासाचार्य महाराज, आचार्य बद्रीश, सौरभ गौड़, संत किशोरी शरण, सुशील गोस्वामी, अमित भारद्वाज, योगेंद्र चतुर्वेदी, संजय हरियाणा, महंत कांतानाथ चतुर्वेदी, कमल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।