वृंदावन के लिए 22 जनवरी की रात से प्रस्तावित नो एंट्री व्यवस्था में आठ प्रमुख स्थानों पर बैरियर लगाकर बाहर से आने वाले चौपहिया वाहन रोके जाएंगे। इन वाहनों को पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था का एक महीने तक ट्रायल होगा।
रिजर्व पुलिस लाइन में हुई कानून व्यवस्था संबंधी बैठक में एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी और एमवीडीए के आर्किटेक्ट मयंक गर्ग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मानचित्र बनाकर पूरी व्यवस्था समझाई।
उन्होंने बताया कि वृंदावन नगर में बाहर और अंदर की ओर बैरियर लगाए जाएंगे। बैरियर के बेहतर संचालन के लिए एक दरोगा, सात सिपाही हर वक्त तैनात रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस भी साथ होगी। पुलिसकर्मियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी रहेगी।
यहां लगाए जाएंगे बैरियर
छटीकरा मार्ग पर रुक्मिणी विहार में दो स्थानों पर, मथुरा की ओर से मसानी रोड पर पागल बाबा आश्रम के निकट, सौ शैया अस्पताल के निकट मोड़ पर, परिक्रमा मार्ग में पानीगांव कट के निकट, यमुना खादर के पास, चैतन्य विहार मार्ग पर दो अन्य स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे।
लोकल किराया 10 रुपये
मथुरा। एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह की संयुक्त कमेटी ने वृंदावन में एक से दूसरे छोर तक और मंदिरों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए किराए का निर्धारण किया।
एआरटीओ ने बताया कि ई रिक्शा, आटो में 10 रुपये प्रति व्यक्ति से ज्यादा नहीं वसूल सकेेंगे। बैरियर के पास ही किराया सूची के बोर्ड लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सामान ले जाने के लिए अलग से शुल्क नहीं देना होगा।