वृंदावन। नगर में पहला राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल केशव नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खुला है। 15 बेड के अस्पताल में मरीजों को डॉक्टरों द्वारा निशुल्क परामर्श एवं जांच के साथ ही आयुर्वेदिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल की ओपीडी में 70 मरीज आने लगे हैं।
शासन के निर्देश हैं कि सभी निजी भवनों में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पतालों को सरकारी भवनों में स्थापित किया जाए। जर्जर भवनों में संचालित न किया जाए। मथुरा में सरकारी भवन नहीं मिला। मथुरा के शास्त्री नगर में लंबे समय से निजी भवन में चल रहे 15 बेड के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को केशव नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है।
अस्पताल में दो आयुर्वेदिक डाॅक्टर डिगंबर सिंह एवं महिला डाॅक्टर नेहा कुमारी, नर्सिंग अधिकारी पूजा दीक्षित, दो वार्ड बॉय, दो सफाईकर्मी तैनात हैं। डाॅक्टर डिगंबर सिंह ने बताया कि शुरुआत में अस्पताल खुलने के समय के बाद दोपहर में नगर के महिला आश्रय सदनों एवं आसपास के क्षेत्रोंं में जाकर लोगों को राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के बारे में जानकारी दी जा रही है। वर्तमान में ओपीडी में प्रतिदिन 70 मरीज आ रहे हैं। उपचार के लिए सामान्य बीमारी सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज कम आ रहे हैं। क्रोनिक डिजीज के प्रोस्ट्रेट, किड़नी, ह्रदय, गठिया, त्वचा संबंधी रोग के मरीज ज्यादा आते हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. गोपाल सिंह ने बताया कि जिले में निजी एवं जर्जर भजनों में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पतालों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने का कार्य चल रहा है। लोहवन एवं सिहोरा के अस्पतालों को भी जर्जर भवनों से सरकारी एवं पंचायत भवन में स्थानांतरित करने का कार्य चल रहा है।