लोकतंत्र के महापर्व (मतदान) पर लोगों में गजब का उत्साह रहा। बूथों पर सुबह से लगी कतार दोपहर में भी कम होने का नाम नहीं ले रही थी। बुजुर्ग, विकलांग, नई पीढ़ी हर कोई अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रतिनिधी चुनने को आतुर था। मतदाताओं को नियंत्रित करने के लिए कई बार पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी।
शुक्रवार को सुबह 11:15 बजे गांव भदावल में जगह-जगह लोगों के झुंड चुनावी चर्चा में मशगूल दिखे। कोई किसी के पक्ष को मजबूत बताता तो कोई दूसरे के पक्ष में तर्क रखता। पोलिंग बूथ प्राइमरी स्कूल पर मतदाताओं की लंबी कतार लगी थी।
11.40 बजे सौभरि इंटर कालेज खायरा में 35 फीसदी मतदान हो चुका था। इसी बीच महिलाओं का एक समूह घूंघट की ओट से रास्ता तलाशते हुए मतदान केंद्र पहुंचा। प्रत्याशियों के समर्थक आखिरी समय तक उनका वोट अपने पक्ष में करने के लिए जुट गए।
एक बजे बरसाना के गांव संकेत के प्राथमिक विद्यालय में महिलाओं की लंबी कतार वोट डालने के लिए लगी थी। केंद्र पर मतदान का आंकड़ा 50 फीसदी को पार कर गया। वोट डालने आए बुजुर्ग सीताराम बोले, वोट गेरनौ तो हमारौ फर्ज है जा ही लियै वोट डारबै आय गए।
दोपहर 2 बजे अमर उजाला की टीम चतुभुर्ज भगवान इंटर कालेज पैगांव पहुंची। बूथ से मतदान कर निकल रहे श्याम ने बताया कि वो कोसी से वोट डालने आए हैं। मतदान को आप इतना महत्वपूर्ण मानते हैं, के सवाल पर बोले कि गांव का चुनाव है ऐसे में वोट डालना जरूरी हो जाता है।
यहां बूथ पर वोटरों की कतार लगी दिखी। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्ग महिला और पुरुषों की रही। 2:25 बजे गांव हुसैनी में भी मतदान को लेकर युवाओं में जबर्दस्त उत्साह देखा गया। यहां तब तक 35 फीसदी मतदान हो चुका था।
मेरौ वोट और कोई डार गयौ...
पोलिंग बूथ प्राइमरी स्कूल पर मतदाताओं की कतार लगी है। इसी बीच मल्लो (60) बुथ से आगबबूला होकर निकलीं। पूछने पर बताया कि मेरौ तो वोट ही और कोई डार गयौ। बखेड़ा शुरू हुआ तो ग्रामीण महिला को दोबारा बूथ पर ले गए। यहां पीठासीन अधिकारी ने चैलेंज फार्म की फीस जमा कर पुन: मतदान कराया।
अपाहिज भाई को कंधे पर बैठाकर लाए राजकुमार
लोकतंत्र की महक देखिए। पैगांव के चतुर्भुज भगवान इंटर कालेज बूथ पर राजकुमार अपने विकलांग भाई को कंधे पर बैठाकर वोट डलवाने के लिए लाए। यहीं पर 85 वर्षीय रामवती भी बड़े उत्साह के साथ वोट डालने के लिए पहुंची।