राया और बलदेव ब्लाक में हुए मतदान में इस बार प्रशासन ने पहले से 20 प्रतिशत अधिक मतदान केंद्र बनाए। जिन बड़े गांवों में गड़बड़ी और झगड़े की आशंका थी उनमें जिला पंचायत के चुनावों से रह गई कमीं से सीख लेकर संशोधन किया। इससे वोटरों की लंबी लाइन नहीं लगीं और न ही समर्थकों का जमघट लगा, न मारपीट हुई।
इसमें सिहोरा गांव की छह हजार की वोटिंग के लिए पहले चमेली देवी इंटर कालेज पर ही 12 बूथ बनाए जाते थे। इस बार चार नए बूथ नए प्राइमरी स्कूल पर बनाकर वहां वोटरों की भीड़ का दबाव कम कर दिया, उसमें एक बूथ तारापुर का और जोड़कर तारापुर के कुछ वोट जोड़ दिए।
इससे तारापुर के मतदान केंद्र पर दबाव कम हो गया। इसी तरह गांव कारब की 5500 से अधिक की वोटिंग के लिए पहले एक ही जगह ब्रज आदर्श इंटर कालेज में वोट डले जाते थे। इस बार वहां स्वास्थ्य केन्द्र और ब्रज आदर्श इंटर कालेज में दो और सात बूथ अलग से बना देने से वोटरों की भीड़ बंट गई।
इसी तरह गांव पचावर 12 गांवों की पंचायत है। सात हजार वोटिंग वाली इस पंचायत में नगला कुंजी, पचावर, नगला बीच, नगला राय सिंह, नगला लोका, नगला बाला, नगला ब्राह्मण आदि के वोट जो पहले केवल कैलाशी देवी इंटर कालेज पचावर में 15 बूथों पर डाले जाते थे उनको अलग-अलग बांट दिया।
इसमें नगला लोका के प्राइमरी स्कूल और नगला बाला में नए पोलिंग बूथ बनाए। इससे पचावर के मतदान केंद्र पर दो बजे के बाद से ज्यादातर पोलिंग बूथ खाली पड़े रहे। इससे मतदान केंद्रों पर समर्थकों की जुगलबंदी नहीं हो सकी।