वृंदावन। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर सांसद हेमामालिनी के बयान से ब्रजवासियों में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को स्थानीय लोगों ने सांसद के खिलाफ वोट वापसी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर दी है।
यह अभियान बिहारीजी मंदिर से आरंभ हुआ और अब इसे जिला स्तर तक विस्तारित करने की योजना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बयान न केवल असंवेदनशील है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। ब्रजवासियों ने इस बयान को अपने आत्म-सम्मान और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला बताया है।
शिवानी पाराशर इस आंदोलन के प्रमुख आयोजकों में से एक हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद जी अपने चुनावी वादे भूल चुकी हैं। उन्हें केवल कॉरिडोर से मिलने वाला व्यक्तिगत लाभ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वृंदावन की संस्कृति, उसकी प्राचीनता और धार्मिक भावना को नुकसान पहुंचाएगी। आंदोलनकारियों की मांग है कि हेमामालिनी द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दें।
यह दिया था बयान
सांसद हेमामालिनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कॉरिडोर जरूर बनेगा, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वह वृंदावन छोड़ जाएं। इस मामले में सांसद के प्रतिनिधि जर्नादन शर्मा ने कहा था कि यह वीडियो पुराना और संपादित कर वायरल किया है। सांसद सभी ब्रजवासियों का सम्मान करती हैं।