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पुनर्मतगणना की मांग खारिज, विधायक की हालत बिगड़ी

Mon, 02 Nov 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
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जिला पंचायत के वार्ड 38 में महज 32 मतों की हार पर री-काउंटिंग की मांग खारिज किए जाने से जिला प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। इससे आक्रोशित बसपा समर्थकों ने राया ब्लॉक और कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रशासनिक के रवैए से विधायक राजकुमार रावत को आघात पहुंचा और उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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जिला पंचायत के अंतिम चरण के वार्ड 38 से बसपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में गोवर्धन के विधायक राजकुमार रावत की पत्नी विमलेश चुनाव मैदान में उतरी थीं। रविवार को इस वार्ड की मतगणना राया ब्लॉक मुख्यालय पर की गई। गोवर्धन के विधायक राजकुमार रावत का दावा है कि मतगणना पूरी होने पर उनकी पत्नी को 107 मतों से विजयी बताया गया था। इसके बाद सभी अभिकर्ता संबंधित स्थल से बाहर आ गए। 15 मिनट बाद एक बार फिर घोषणा की गई कि विमलेश रावत 32 वोट से पराजित हो गई हैं। इस पर जब संबंधित अफसरों से आपत्ति जताई गई तो उनकी बात तक नहीं सुनी गई। यहां तक कि अंतिम बूथों की मतगणना फिर से कराए जाने की मांग को भी खारिज कर दिया गया।

इस पर विधायक राजकुमार रावत और संबंधित आरओ की तड़का-भड़की भी हो गई। बसपा कार्यकर्ता प्रदर्शन पर आ गए। तत्काल ही रात दो बजे विधायक ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रेक्षक से भी इसे लेकर विरोध जताया। जिला प्रशासनिक अफसरों ने रावत की कोई सुनवाई नहीं की। सुबह एक बार फिर इस मामले को लेकर विधायक की अफसरों से तड़का-भड़की हुई तो अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। आनन-फानन में विधायक को निजी अस्पताल ले जाया गया।
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इसकी खबर लगतेे ही विधायक और पार्टी समर्थक कलक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने यहां जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल का सहारा लिया। विधायक राजकुमार रावत ने विमलेश रावत की हार को षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए आला अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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