वृंदावन(मथुरा)। कोरोना को लेकर लगाई गई पाबंदियों के कारण अब बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं का धार्मिक नगरी आगमन ठहर गया है। वीकेंड के बाद बाजार खुले लेकिन सन्नाटा पूरी तरह से परसा रहा। श्रद्धालुओं की सीमित मौजूदगी होने के कारण मंदिरों व अन्य के आसपास भी दुकानदार हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे।
35 घंटे के लॉकडाउन के दौरान रविवार को धर्म नगरी में पूरी तरह से सन्नाटा था। बाजार खुले नहीं थे। लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
सोमवार को बाजार तो पूर्व की भांति खुले, लेकिन बाजारों में खरीदारों की मौजूदगी कम नजर नहीं आई। प्रमुख बाजारों में चुनिंदा श्रद्धालुओं का आवागमन ही दिखाई दिया। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए चंद भक्तों की लाइन थी। वह भी डरे, सहमे हुए थे। किसी में दर्शन को लेकर आतुरता नजर नहीं आई। मंदिर के सुरक्षा गार्ड एक-एक श्रद्धालु को मंदिर में कोविड के नियमों का पालन करते हुए प्रवेश करा रहे थे। यही हाल कुछ प्रेम मंदिर पर नजर आया। मंदिर के सामने होने वाला जमघट नहीं था। वाहन आसानी से आ जा रहे थे। शाहजी मंदिर, गोविंद देव मंदिर, रंगनाथ मंदिर द्वारिकाधीश आदि में भी दर्शनार्थियों का खालीपन रहा।
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विद्यालयों में शिक्षक हो रहे संक्रमित
तेजी से बढ़ रहे संक्रमण में जिले के विद्यालय भी अछूते नहीं रहे हैं। रुक्मणी विहार स्थित सीबीएसई के विद्यालय के करीब आठ शिक्षक अब तक संक्रमित हो चुके हैं, जो नियमित विद्यालय पहुंच रहे थे। इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन ने अवकाश घोषित नहीं किया है। इससे शिक्षक और स्टाफ में भय का वातावरण है। इसी तरह जिले से अन्य स्कूलों का हाल है।
वृंदावन श्री बांके बिहारी मंदिर के बाहर दर्शन करने के लिए खड़े श्रद्धालु आज संख्या बहुत कम रही दर- फोटो : VRINDAVAN