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Mathura News: बलिया के गैंग से जुड़े थे विशाल के तार

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मथुरा। एनआईए ने छह माह पहले दक्षिण दिल्ली से पकड़े गए भाकपा (माओवादी) संगठन के विस्तार करने में मददगार मथुरा निवासी विशाल उर्फ सूरज के खिलाफ साक्ष्य जुटाए थे। विशाल के तार बलिया के नक्सली गैंग से जुड़े हुए थे। बलिया से नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद ही एनआईए ने छह माह पहले दक्षिण दिल्ली से मथुरा के विशाल को गिरफ्तार किया था।
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यूपी एटीएस ने अगस्त, 2023 में बलिया से तारा देवी, लल्लूराम, सत्य प्रकाश, राममूरत और विनोद साहनी समेत 5 नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। बाद में इस मामले की जांच एनआईए के सुपुर्द कर दी गई थी। एनआईए ने गहनता से जांच के बाद अगस्त 2024 में हरियाणा से अमन सिंघल को गिरफ्तार किया था, जो हरियाणा और पंजाब राज्य आयोजन समिति (एसओसी) का प्रभारी था। उससे मिले सुरागों के बाद मथुरा निवासी विशाल सिंह उर्फ सूरज को 22 जून को एनआईए ने दक्षिण दिल्ली से पकड़ा था।
विशाल से पूछताछ में पता चला था कि वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों को उत्तरी राज्यों में पुनर्गठित करने की साजिश में लगा था। वह नक्सलियों को ड्रोन मुहैया कराता था और इसकी ट्रेनिंग भी देता था। उसके पास से नक्सलियों का आपत्तिजनक साहित्य भी बरामद किया गया था।
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राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में मिली थी संलिप्तता
एनआईए के मुताबिक विशाल सिंह ने बिहार के छकरबंदा/पंचरुखिया वन क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन के नेताओं को हिंसक राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए ड्रोन दिया था। साथ ही, सीपीआई (माओवादी) के अन्य कैडरों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया था। वर्ष 2019 में बिहार के घने जंगल वाले इलाकों में इसके केंद्रीय समिति के सदस्यों के साथ बैठकों में भी भाग लिया था। उसे उत्तरी राज्यों में नक्सलवाद के कमजोर पड़ते प्रभाव को फिर से बढ़ाने की साजिश के लिए लगाया गया था। संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर्स शहरी क्षेत्रों में काम कर रहे कैडरों के माध्यम से अन्य कैडरों की भर्ती कर रहे थे। पूर्वांचल में भी इनके बलिया के नक्सली नेता संतोष उर्फ मंतोष के माध्यम से कैडर भर्ती करने की बात सामने आई थी।
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