2002 में आगरा के होटल अमर विलास में विनोद खन्ना
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अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुपर स्टार विनोद खन्ना ताजमहल का दीदार करने आए तो बेहद चुपके-चुपके। 1982 में पूर्णिमा पर लगने वाले चमकी मेले के दौरान रात 10 बजे अभिनेता विनोद खन्ना ताजमहल की झलक पाने के लिए आए थे। स्टारडम के उस दौर में चांदनी रात में संगमरमरी ताजमहल पर उन्होंने ‘चमकी’ देखने को घंटों बिताए थे। होटल स्टाफ के साथ वह देर रात तक ताज के आगोश में मुख्य गुंबद पर मीनार के सहारे से ताज को एकटक निहारते रहे थे।
1980 के दशक में एक के बाद एक हिट फिल्में दे रहे सुपर स्टार विनोद खन्ना ताजमहल के इस कदर मुरीद हुए कि चांदनी रात में झलक पाने को पहुंचे थे। दिन में प्रशंसकों और भारी भीड़ के डर से विनोद खन्ना ने 1982 में ताजमहल को चांदनी रात में निहारा। इसके लिए उन्होंने चुनी पूर्णिमा की रात, जब ताजमहल रात में खुलता था। केवल ताजमहल देखने आए विनोद खन्ना ने होटल स्टाफ की मदद ली और रात दस बजे ताजमहल पहुंचे। ताजमहल पर तत्कालीन संरक्षण सहायक डा. आरके दीक्षित के मुताबिक उन्होंने चांदनी रात में नहाए ताजमहल को एकटक काफी देर तक देखा और मुख्य गुंबद पर रुके भी। उसके बाद वह साल 2002 में आगरा तो आए, लेकिन होटल अमर विलास के कमरे से ही ताजमहल को निहारा।