गांव अड्डा छिनपारई में जरुरत का सामान स्टीमर से लेकर जाते ग्रामीण।
नौहझील (मथुरा)। यमुना के जलस्तर में सोमवार को मामूली गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। क्षेत्र के गांव गांव अड्डा छिनपारई, छिनपारई, बसाऊ, दौलतपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगरखोर, अड्डा जाटव पानी से घिरे हुए हैं। यहां टापू जैसे हालात बने हुए हैं। ग्रामीण नाव व स्टीमर के सहारे आवागमन कर रहे हैं। इन गांवों के लगभग 200 मकानों में पानी भर जाने से लोग छतों पर डेरा जमाए हुए हैं।
बसाऊ गांव के 14 परिवार दौलतपुर प्राथमिक विद्यालय व अड्डा मल्हान के 12 परिवार अड्डा मल्हान प्राथमिक विद्यालय में बने बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए हैं। वहीं बाढ़ पीड़ित लगभग 174 परिवार शिविरों में आने को तैयार नहीं हैं। वह मकानों की छतों या रिश्तेदारियों में चले गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी पूरी तरह से कम नहीं होता, तब तक उन्हें नावों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
वहीं विधायक राजेश चौधरी, एसडीएम रितु सिरोही, तहसीलदार बृजेश कुमार, नायब तहसीलदार राकेश उपाध्याय गांव-गांव बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन व पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था में जुटे हुए हैं। सीएचसी प्रभारी डाॅ. हेमराज सिंह के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 जगह शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने राहत सामग्री न मिलने का आराेप लगाया। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि सोमवार को यमुना के जलस्तर में गिरावट आई है। अपात्र लोग राहत सामग्री नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं। संवाद