मथुरा। जिला अस्पताल में बनी इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (आईपीएचएल) की तर्ज पर जिले की 5 सीएचसी की लैब अत्याधुनिक मशीनों से लेस होने वाली हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए कागजी कार्रवाई पूर्ण कर सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल की लैब को सरकार ने पिछले साल इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (आईपीएचएल) बना दिया। इसके बाद लैब में 150 से अधिक जांच शुरू हो गईं। लैब के निर्माण में 60 लाख रुपये के करीब खर्चा आया। इसके बाद माइक्रोबायोलॉजी, वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, प्रोटिस्टोलॉजी, माइक्रोलॉजी, इम्यूनोलॉजी और पैरासिटोलॉजी की जांच शुरु हो गई। वर्तमान में जिला अस्पताल में रोजाना 250 के करीब मरीजों की विभिन्न जांचें होती हैं।
जांच के बाद मरीजों का उपचार करने में चिकित्सकों को सहूलयत हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की लैबों को भी आईपीएचएल बनाने जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा। सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि छाता, गोवर्धन, मांट समेत जिले के 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लैब तैयार होगी। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूर्ण कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द ही इन लैबों में कार्य शुरू हो जाएगा। लैब के अत्याधुनिक मशीनों से लेस होने के बाद ग्रामीणों को जांच कराने के लिए शहर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वह अपने गांव में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच कराकर उपचार करा लेंगे।