कोसीकलां। नगर पालिका परिषद की ओर से गांव बठैनकलां में बनाए जा रहे एमआरएफ सेंटर के विरोध में ग्रामीण उतर आए। निरीक्षण के लिए पहुंचीं ईओ को देख ग्रामीणों ने नारेबाजी कर इसका विरोध किया।
नगर पालिका परिषद का डंपिंग ग्राउंड और कूड़े कचरे से खाद बनाने का संयंत्र बनाने का काम एक साल से गांव बठैनकलां में चल रहा है। प्रशासन ने ग्राम समाज की करीब एक हेक्टेयर भूमि नगर पालिका को दे दी। नगर का कूड़ा कचरा राजमार्गों के किनारे जहां तहां डाला जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत इस कूड़े के लिए डंपिंग ग्राउंड पर ही करीब 60 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर बनेगा। संयत्र में कूड़े कचरे से प्लास्टिक अलग कर कंपोस्ट खाद बनेगी।
संयंत्र लगाने का टेंडर भी पिछले वर्ष एक फर्म को दे दिया गया। डंपिंग ग्राउंड और संयंत्र का काम शुरू हो चुका था। मंगलवार को जैसे ही ईओ पूर्णिमा दुबे अधीनस्थों के साथ वहां पहुंचीं तो उन्हें देखकर काफी संख्या में ग्रामीण वहां आ गए।
ग्रामीणों ने नारेबाजी कर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि इससे उन्हें काफी परेशानी होगी। गांव में हर समय गंदगी का साम्राज्य बना रहेगा। ईओ ने ग्रामीणों को बातचीत कर समझाने का प्रयास किया। बाद में एसडीएम को समस्या से अवगत कराया।
ईओ ने किया नाला सफाई का निरीक्षण
नगर में हो रहे नालों की सफाई कार्य का मंगलवार को नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी पूर्णिमा दुबे, लेखाधिकारी योगेंद्र रावत ने निरीक्षण किया और मातहतों को आवश्यक निर्देश दिया। प्री मानसून बारिश के दौरान नगर के कुछ इलाकों में हुए जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए ईओ दल-बल के साथ नगर के कई मोहल्लों में हुए नाला सफाई के कार्य का निरीक्षण करने जा धमके। इससे कर्मचारियों में खलबली रही।