फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शहीदों के नाम पर बनेंगे गांव के प्रवेश द्वार और सड़कें

विज्ञापन
फोटो 2 जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी न? - फोटो : MATHURA
विज्ञापन
मथुरा। जिले में शहीद हुए जवानों के नाम पर अब उनके गांव में सड़क, प्रवेश द्वार और प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। इसका फैसला जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में लिया गया है। इसके साथ ही बैठक में अनुपस्थित रहे पांच विभागों के अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने की भी संस्तुति बोर्ड ने की है।
विज्ञापन

शनिवार को जिला पंचायत के सभागार में अध्यक्ष ममता चौधरी की अध्यक्षता में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान 12 प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे गए। इसमें जिला पंचायत की संपत्तियों से अवैध कब्जे हटवाने, जिला पंचायत की दुकानें, पट्टे की जमीन आदि पर चर्चा की गई। जिला पंचायत द्वारा संचालित अस्थाई गो संरक्षण केंद्र के लिए प्रस्तावित बजट को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके बाद छाता के विधायक और पशुपालन मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने एक जनवरी 2018 से जिले में शहीद हुए जवानों के नाम पर गांव में सड़क निर्माण, प्रवेश द्वार या शहीद स्मारक प्रतिमा लगवाने का प्रस्ताव रखा। बोर्ड ने इस कार्य के लिए 5-5 लाख रुपये के बजट की स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, आरईएस या अन्य कार्यकारी संस्था को उक्त कार्य सौंपने का भी फैसला किया गया।
विज्ञापन

बलदेव में अस्पताल की जमीन को लेकर विवाद को सुलझाने को राजपाल सिंह भरंगर, रामवीर सिंह भरंगर व बदन सिंह को नामित किया। इस दौरान सभी सदस्यों ने अपने इलाके में खारी पानी व टंकियों द्वारा पेयजल आपूर्ति न होने की शिकायत की। इस पर जल निगम के अफसरों से गांवों में टीम बनाकर सर्वे कराने व बिजली बिल चुकता करने निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहे बीएसए, डीआईओएस, बिजली, पीडब्ल्यूडी के अफसरों के न पहुंचने पर एक दिन का वेतन काटने व चरित्र पंजिका में दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान नरदेव चौधरी, रामवीर सिंह भरंगर, सुरेश भगत, सुरेंद्र सिंह, सौरभ चौधरी सहित अन्य जिला पंचायत सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्लास्टिक की बोतल में पानी
मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग न करने के आदेशों को धता बताते हुए जिला पंचायत के अफसरों ने सभी अफसरों को प्लास्टिक की थाली में खाना और प्लास्टिक बोतल में पानी दिया। इस पर जिला पंचायत सदस्य नरदेव चौधरी ने आपत्ति जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें